ED पूछताछ के बाद हरीश रावत का तीखा बयान, बोले—“मैं आपके पास हूँ, आपके साथ हूँ”
देहरादून। 2016 की UKSSSC ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समक्ष पेश होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने अपने समर्थकों और प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए केंद्र की जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सवाल उठाए। रावत ने कहा कि वह अपने राज्य के लोगों के साथ खड़े हैं और किसी भी जांच का सामना करने से पीछे नहीं हटेंगे।
रावत ने अपने बयान में कहा, “हूँ तो मैं भी राजपूत ही… ललकार मिली है, तो मैदान में हूँ।” उन्होंने कहा कि यदि उनके और उनके परिवार की जांच करनी है तो एक बार में पूरी जांच कर ली जाए, ताकि हर चुनाव के दौरान उनके घर पर किसी न किसी जांच एजेंसी की दस्तक न हो।
उन्होंने कहा कि कभी CBI और अब ED के माध्यम से उनसे पूछताछ की जा रही है। रावत ने कहा कि वह जांच से भागने वाले नहीं हैं और जांच एजेंसियां चाहें तो उनके और उनके परिवार से जुड़े मामलों की व्यापक जांच कर सकती हैं।
“मैं तो आपके पास हूँ, आपके साथ हूँ”
हरीश रावत ने अपने संबोधन में कहा कि कुछ लोग इशारों में बात कर रहे हैं, लेकिन वह स्पष्ट रूप से कहना चाहते हैं कि वह अपने राज्य की जनता के साथ हैं।
उन्होंने कहा, “सानू तुहाडे नाल पूछना चाहता है… मैनू कित्थे-कित्थे! मैं तो तुहाडे नाल हूँ जी, आपके पास हूँ, आपके साथ हूँ। अपने राज्य के लोगों के साथ हूँ।”
रावत ने यह भी कहा कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर वह दबाव में नहीं हैं और अपने राजनीतिक एवं सार्वजनिक जीवन में सामने आने वाली परिस्थितियों का सामना करेंगे।
ED ने मांगे थे पुराने ITR और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज
रिपोर्टों के मुताबिक, ED ने रावत को नोटिस देकर पुराने आयकर रिटर्न, उनकी संपत्तियों और परिवार के सदस्यों की संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा था। यह कार्रवाई 2016 की VPDO भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग जांच के क्रम में हुई है।
इससे पहले 10 सितंबर को ED ने देहरादून में कई स्थानों पर तलाशी ली थी। इनमें रावत के तत्कालीन OSD एवं बाद में निजी सहायक रहे चंदन सिंह जीना का परिसर भी शामिल था। ED के अनुसार, तलाशी के दौरान नकदी, सोना और अन्य सामान बरामद किया गया था।
“एक बार पूरी जांच कर लो”
रावत ने कहा कि यदि उनके खिलाफ कोई तथ्य या प्रमाण है तो उसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने जांच एजेंसियों से संकेतात्मक रूप से कहा कि उनके और उनके परिवार की जांच एक बार पूरी तरह कर ली जाए, ताकि बार-बार अलग-अलग जांचों का सामना न करना पड़े।
उन्होंने अपने बयान में कहा कि वह इसे चुनौती के रूप में ले रहे हैं और मैदान छोड़ने वाले नहीं हैं।
“अब ललकारेंगे, लेकिन हूँ तो मैं भी राजपूत ही न! मैं ललकार कैसे सहन कर सकता हूँ। इसलिए मैदान-ए-जंग में हूँ और यह सोच करके इस बार हूँ कि अब कुछ भी हो, इत्थे मरूँगा।”
अंत में रावत ने कहा—“बाकी तुहाडी मर्जी जी।”
मामला क्या है?
ED की जांच 2016 में आयोजित UKSSSC की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से संबंधित है। जांच का आधार इस मामले में दर्ज FIR और उसके बाद की जांच है। ED ने रावत से पूछताछ के साथ-साथ उनसे संबंधित वित्तीय एवं संपत्ति दस्तावेज भी मांगे हैं।
नोट: मामले में जांच जारी है। कथित अनियमितताओं के आरोपों का अंतिम निर्धारण संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के निष्कर्षों पर निर्भर करेगा।
