15 अक्टूबर तक देहरादून की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश, बिना अनुमति सड़क खुदाई पर होगी कार्रवाई
देहरादून, 28 सितंबर। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण की वास्तविक स्थिति जांचने के लिए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सोमवार को शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों का स्थलीय निरीक्षण किया। डीएम ने चकराता रोड, जीएमएस रोड और शिमला बाईपास रोड पर पहुंचकर सड़कों की स्थिति, निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की प्रगति तथा हेल्पलाइन शिकायतों के धरातलीय निस्तारण की हकीकत जानी।
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान संबंधित शिकायतकर्ताओं से फोन पर सीधे बातचीत कर यह भी जाना कि विभाग द्वारा शिकायत के समाधान के संबंध में दी गई जानकारी वास्तव में मौके की स्थिति से मेल खाती है या नहीं।

पोर्टल पर शिकायत बंद करना पर्याप्त नहीं
डीएम ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर फोर्स क्लोज की गई शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि केवल पोर्टल पर शिकायत बंद कर देना शिकायत का निस्तारण नहीं माना जाएगा। शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक और संतोषजनक समाधान धरातल पर होना जरूरी है।

शिमला बाईपास पर गड्ढे देखकर जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान मेहूंवाला क्षेत्र में शिमला बाईपास रोड पर जगह-जगह गड्ढे पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को तत्काल गड्ढे भरकर सड़क को सुरक्षित और सुचारु बनाने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सड़क की गुणवत्ता और आमजन के सुरक्षित आवागमन को प्राथमिकता देते हुए कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए।

फोर्स क्लोज शिकायत की मौके पर हुई जांच
जिलाधिकारी ने शिमला बाईपास चौक से सेंट जूड्स स्कूल होते हुए कमला पैलेस तक मार्ग की खराब स्थिति से संबंधित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शिकायत का भी निरीक्षण किया। यह शिकायत शिकायतकर्ता पूजा भटगाईं द्वारा दर्ज कराई गई थी। विभाग की ओर से शिकायत को शिकायतकर्ता की संतुष्टि के आधार पर फोर्स क्लोज किया जाना दर्शाया गया था।
मौके पर सड़क की स्थिति देखने के बाद डीएम ने शिकायतकर्ता से दूरभाष पर वार्ता की और वास्तविक स्थिति जानी। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि मार्ग पर सड़क रिस्टोरेशन का कार्य अगले दिन से शुरू किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कार्य में किसी भी प्रकार की देरी न करने और निर्धारित समय में सड़क को ठीक करने के निर्देश दिए।

बिना अनुमति सड़क खुदाई पर नोटिस के निर्देश
निरीक्षण के दौरान चकराता रोड पर बिना अनुमति दिन के समय सड़क खुदाई किए जाने का मामला भी सामने आया। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित एडीबी अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क की खुदाई अथवा निर्माण कार्य निर्धारित अनुमति, मानकों और शर्तों के अनुरूप ही किया जाएगा। आमजन के आवागमन में बाधा डालने वाले अथवा बिना अनुमति किए जा रहे कार्यों पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जीएमएस रोड से सीमाद्वार तक भी लिया जायजा
इसके बाद जिलाधिकारी ने जीएमएस रोड से आईटीबीपी सीमाद्वार की ओर जाने वाले मार्ग का निरीक्षण किया। होटल सन पार्क इन और राकवैली रेजीडेंसी के समीप पूर्व में जलभराव वाले स्थान का भी उन्होंने जायजा लिया।
क्षेत्र में सड़क पर जलभराव वाले स्थानों पर टाइल लगाने तथा नालियों की सफाई सहित किए गए सुधार कार्यों की स्थिति देखी गई। डीएम ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर सड़क, जलभराव और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जीएमएस रोड से सीमाद्वार तक सड़क के सुधार एवं निर्माण कार्य के लिए करीब 4 करोड़ रुपये की धनराशि प्रस्तावित है तथा इसकी डीपीआर शासन को भेजी गई है।
15 अक्टूबर तक जिले की सड़कें गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सभी संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि 15 अक्टूबर से पहले जिले की सड़कों को गड्ढामुक्त करना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि सड़क की खुदाई, निर्माण सामग्री रखने अथवा सड़क पर किसी भी प्रकार का कार्य करने से पहले नियमानुसार अनुमति लेना अनिवार्य है। बिना अनुमति सड़क खोदने, निर्माण सामग्री का अनधिकृत भंडारण करने अथवा सड़क को क्षतिग्रस्त करने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि निर्धारित मानकों और अनुमति के अनुरूप ही निर्माण कार्य करें तथा कार्य पूरा होने के बाद सड़क को व्यवस्थित, सुरक्षित और आवागमन योग्य बनाना सुनिश्चित करें।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायतों को केवल पोर्टल पर औपचारिक रूप से बंद न किया जाए। संबंधित अधिकारी मौके पर जाकर शिकायत के वास्तविक समाधान की पुष्टि करें और शिकायतकर्ता की संतुष्टि को भी प्राथमिकता दें।
निरीक्षण के दौरान एसई लोनिवि ओमपाल सिंह, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ऋषभ कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
