UKPSC और पुलिस भर्ती की मांग को लेकर गरजे बेरोजगार, सचिवालय कूच में हंगामा

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बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश, पुलिस से धक्का-मुक्की; भर्ती प्रक्रिया शुरू करने और भर्ती कैलेंडर लागू करने की उठी मांग

देहरादून।
उत्तराखंड बेरोजगार संघ के बैनर तले मंगलवार को राजधानी देहरादून में बड़ी संख्या में बेरोजगार युवाओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सचिवालय कूच किया। प्रदर्शनकारी पहले परेड ग्राउंड में एकत्र हुए और वहां से पैदल मार्च करते हुए सचिवालय की ओर बढ़े। हालांकि, सुभाष रोड पर पहले से तैनात भारी पुलिस बल ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक, धक्का-मुक्की और तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली।

पुलिस द्वारा आगे बढ़ने से रोके जाने पर नाराज बेरोजगार युवक सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कई प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड हटाने और उन पर चढ़कर आगे बढ़ने की कोशिश की। हालात को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया, जबकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए वाटर कैनन को भी अलर्ट मोड पर रखा गया।

इन मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे युवा

प्रदर्शनकारी युवाओं ने उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) के माध्यम से AE और JE भर्ती का नया विज्ञापन जल्द जारी करने, सभी लंबित भर्ती प्रक्रियाओं को तत्काल शुरू करने, उत्तराखंड पुलिस में 1500 पदों पर भर्ती विज्ञप्ति जारी करने, महिला पुलिस सिपाही के 400 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने, पुलिस भर्ती की वेटिंग लिस्ट जारी करने तथा राज्य में नियमित भर्ती कैलेंडर लागू करने की मांग की। इसके अलावा भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग उठाई गई।

सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप

उत्तराखंड बेरोजगार संघ के प्रदेश अध्यक्ष राम कंडवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों ही बेरोजगार युवाओं से किए गए वादों को पूरा करने में विफल रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने 60 हजार सरकारी भर्तियां निकालने का वादा किया था, लेकिन आज तक यह वादा धरातल पर नहीं उतर पाया। उनका कहना था कि राज्य के लाखों शिक्षित युवा रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जबकि समय पर भर्ती विज्ञापन जारी नहीं होने से उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है।

राम कंडवाल ने कहा कि यदि सरकार समय पर रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर देती, तो युवाओं को सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने की नौबत नहीं आती। उन्होंने सरकार से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और सभी लंबित भर्तियों को जल्द पूरा करने की मांग की।

दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा

प्रदर्शन के दौरान उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने हाल ही में दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की भी कड़ी निंदा की। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि छात्रों और युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

बेरोजगार युवाओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को पूरे उत्तराखंड में और अधिक व्यापक और उग्र बनाया जाएगा। वहीं पुलिस-प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।

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