दून वैली टाइम्स | देहरादून
उत्तराखण्ड सरकार ने बेरोजगार और पढ़ाई बीच में छोड़ चुके (ड्रॉपआउट) युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। राज्य के कौशल विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के तहत युवाओं को निःशुल्क रोजगारपरक स्किल ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षित होकर नौकरी या स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।

योजना का उद्देश्य ऐसे युवाओं को व्यावहारिक और तकनीकी कौशल उपलब्ध कराना है, जो किसी कारणवश अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सके, लेकिन रोजगार की तलाश में हैं। प्रशिक्षण पूरी तरह उद्योगों की मांग और वर्तमान रोजगार बाजार को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा।
इन सात जिलों के युवाओं को मिलेगा लाभ
फिलहाल योजना का संचालन राज्य के सात जिलों में किया जाएगा। इनमें—
- देहरादून
- हरिद्वार
- नैनीताल
- ऊधम सिंह नगर
- चम्पावत
- चमोली
- नई टिहरी
शामिल हैं।
इन जिलों के पात्र बेरोजगार और ड्रॉपआउट युवा इस योजना से जुड़कर अपने कौशल को निखार सकेंगे और रोजगार पाने की संभावनाएं बढ़ा सकेंगे।
मुफ्त होगी पूरी ट्रेनिंग
योजना के तहत युवाओं से प्रशिक्षण के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। उन्हें विभिन्न तकनीकी और रोजगारपरक ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद उन्हें निजी उद्योगों में रोजगार दिलाने के प्रयास किए जाएंगे। साथ ही, जो युवा स्वयं का काम शुरू करना चाहते हैं, उन्हें स्वरोजगार के लिए भी मार्गदर्शन दिया जाएगा।
उद्योगों की जरूरत के अनुसार होगा प्रशिक्षण
कौशल विकास विभाग का लक्ष्य ऐसे प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना है, जिनकी आवश्यकता विभिन्न उद्योगों और कंपनियों में है। इससे युवाओं को प्रशिक्षण पूरा होने के बाद रोजगार मिलने की संभावना और अधिक बढ़ेगी।
राज्य सरकार का मानना है कि यह पहल बेरोजगारी कम करने के साथ-साथ युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगी।




