यूरिया वितरण के नए नियमों से पछवादून के किसानों में रोष, विकासनगर में सैकड़ों किसानों ने किया विरोध प्रदर्शन

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दून वैली टाइम्स | विकासनगर, देहरादून

पछवादून क्षेत्र में यूरिया खाद वितरण की नई व्यवस्था को लेकर किसानों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। खेती के महत्वपूर्ण सीजन में यूरिया खाद लेने के लिए लागू की गई नई प्रक्रिया को किसानों ने अव्यावहारिक बताते हुए इसका विरोध किया है। सोमवार को विकासनगर में बड़ी संख्या में किसान एकत्र हुए और सरकार तथा संबंधित विभाग के खिलाफ विरोध दर्ज कराते हुए व्यवस्था को सरल बनाने की मांग की।

किसानों का कहना है कि पहले सहकारी समितियों (सोसाइटी) के माध्यम से ऑफलाइन प्रक्रिया के तहत आसानी से यूरिया खाद उपलब्ध हो जाती थी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होती थी। लेकिन अब नई व्यवस्था लागू होने के बाद किसानों को खाद प्राप्त करने के लिए कई औपचारिकताओं से गुजरना पड़ रहा है।

नई व्यवस्था से बढ़ी किसानों की परेशानी

नई व्यवस्था के अनुसार किसानों को यूरिया खाद प्राप्त करने के लिए खतौनी, आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी तथा स्वयं उपस्थित होकर बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट सत्यापन कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इन सभी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही किसानों को खाद उपलब्ध कराई जा रही है।

किसानों का कहना है कि कई बार मोबाइल नेटवर्क की समस्या, ओटीपी समय पर न मिलना या फिंगरप्रिंट सत्यापन में तकनीकी दिक्कतों के कारण उन्हें कई-कई बार सोसाइटी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे उनका समय बर्बाद हो रहा है और खेती के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।

खेती के समय बढ़ी चिंता

किसानों ने बताया कि धान सहित खरीफ की फसलों के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में समय पर यूरिया उपलब्ध नहीं होने से फसलों की वृद्धि प्रभावित हो सकती है, जिससे उत्पादन पर भी असर पड़ने की आशंका है। उनका कहना है कि सरकार को किसानों की समस्याओं को समझते हुए व्यवस्था को सरल और व्यावहारिक बनाना चाहिए।

इन गांवों के किसानों ने उठाई आवाज

विरोध प्रदर्शन में जीवनगढ़, बादामावाला, पृथ्वीपुर, जमनीपुर, बुलकीवाला, जामनखाता सहित आसपास के गांवों के किसान शामिल हुए। किसान विक्रम सिंह, प्रदीप, संजय, सरदार सिंह, मुन्नी देवी समेत अन्य किसानों ने एक स्वर में मांग की कि यूरिया वितरण की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए, ताकि किसानों को बिना अनावश्यक परेशानियों के समय पर खाद मिल सके।

किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो वे व्यापक आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

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