उत्तराखंड पशुचिकित्सा परिषद की कार्यकारिणी की पहली बैठक संपन्न, पशुचिकित्सकों के हितों पर जोर

देहरादून। उत्तराखंड राज्य पशुचिकित्सा परिषद, देहरादून की द्वितीय कार्यकारिणी की प्रथम बैठक सोमवार, 30 सितंबर 2026 को परिषद सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष डॉ. कैलाश उनियाल ने की।

बैठक में नव निर्वाचित एवं नामित सदस्यों के साथ पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. उदय शंकर, गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर के अधिवक्ता प्रतिनिधि डॉ. मंजुल काण्डपाल तथा उत्तराखंड पशुचिकित्सा परिषद के रजिस्ट्रार डॉ. प्रलयंकर नाथ उपस्थित रहे।

बैठक की शुरुआत रजिस्ट्रार द्वारा नए सदस्यों के स्वागत एवं अभिनंदन से हुई। इस दौरान भारतीय पशुचिकित्सा परिषद अधिनियम, 1984 के विभिन्न प्रावधानों तथा प्रस्तावित उत्तराखंड पशुचिकित्सा परिषद नियमावली-2026 के प्रावधानों की जानकारी सदस्यों को दी गई।

परिषद की ओर से प्रदेश के पशुचिकित्सकों के कौशल विकास एवं नवीन पशुचिकित्सा तकनीकों से उन्हें अपडेट रखने के लिए लगातार सतत पशुचिकित्सा शिक्षा (Continuous Veterinary Education-CVE) कार्यक्रम आयोजित किए जाने पर भी जोर दिया गया।

पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. उदय शंकर ने सभी सदस्यों को बधाई देते हुए परिषद की कार्यकारिणी को सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने तथा पशुचिकित्सकों के हित में कार्य करने पर बल दिया। उन्होंने पशुपालकों एवं पशुचिकित्सकों के हितों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए परिषद के माध्यम से विभाग को आवश्यक सुझाव उपलब्ध कराने की बात कही।

बैठक के अंत में परिषद अध्यक्ष डॉ. कैलाश उनियाल ने सभी नव निर्वाचित एवं नामित सदस्यों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित उत्तराखंड पशुचिकित्सा परिषद नियमावली-2026 शासन को भेजी जा चुकी है। शासन से नियमावली को अनुमोदन मिलने के बाद परिषद पशुपालकों एवं पशुचिकित्सकों के हित में अधिक प्रभावी ढंग से कार्य कर सकेगी। साथ ही नियमावली के माध्यम से परिषद को अपने दायित्वों के निर्वहन के लिए आवश्यक विधिक अधिकार भी प्राप्त होंगे।

बैठक में नव निर्वाचित सदस्य डॉ. राहुल कुमार जोशी, डॉ. आलोक कुडियाल, डॉ. दीपित अरोड़ा एवं डॉ. कमल दुर्गापाल तथा नामित सदस्य डॉ. अमित देवराड़ी, डॉ. कल्पेद्र कोहली एवं डॉ. रचना कुमारी भी उपस्थित रहे।

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