10 साल बाद फिर एक हुआ भणाईक परिवार, रिश्तों और अपनत्व की पेश की मिसाल

चकराता। उत्तराखंड के देहरादून जनपद के विकासखंड चकराता अंतर्गत जौनसार-बावर क्षेत्र के ठारटा गांव, खत भरम में भणाईक परिवार से जुड़ा एक भावनात्मक और प्रेरणादायी मामला सामने आया है। करीब 10 वर्ष पहले एक परिवार से अलग होकर दो परिवार बने थे, लेकिन समय के साथ दूरियां कम हुईं और अब दोनों परिवार एक बार फिर साथ आ गए हैं।

बताया जा रहा है कि लगभग एक दशक पहले परिस्थितियों के चलते एक परिवार दो परिवारों में विभाजित हो गया था। हालांकि रिश्तों के बीच अपनापन और पारिवारिक जुड़ाव कभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। समय बीतने के साथ दोनों परिवारों के बीच आपसी प्रेम और विश्वास बना रहा और अब एक बार फिर उन्होंने साथ आकर संयुक्त परिवार की मिसाल पेश की है।

इस पुनर्मिलन को क्षेत्र में रिश्तों, संस्कार और पारिवारिक एकता की खूबसूरत मिसाल के रूप में देखा जा रहा है। परिवार के लोगों का कहना है कि रिश्तों में कभी-कभी परिस्थितियों के कारण दूरियां जरूर आ सकती हैं, लेकिन यदि दिलों में प्रेम और सम्मान बना रहे तो रिश्ते दोबारा जुड़ सकते हैं।

करीब 10 साल बाद दोनों परिवारों का फिर एक साथ आना सिर्फ दो परिवारों का मिलन नहीं, बल्कि प्यार, विश्वास, संस्कार और आपसी अपनत्व की जीत है। इस मौके पर परिवार और आसपास के लोगों में भी खुशी का माहौल है।

जौनसार-बावर की सामाजिक और पारिवारिक परंपराओं में रिश्तों और सामूहिकता का विशेष महत्व रहा है। ऐसे में भणाईक परिवार का यह मिलन समाज के लिए भी एक सकारात्मक संदेश दे रहा है कि आपसी मतभेद और दूरियां चाहे कितनी भी लंबी क्यों न हों, सच्चे रिश्तों में संवाद और अपनापन उन्हें फिर से जोड़ सकता है।

परिवार के इस मिलन को लेकर क्षेत्रवासियों ने भी खुशी जताई और उम्मीद व्यक्त की कि आगे भी दोनों परिवार प्रेम, सौहार्द और एकता के साथ मिल-जुलकर रहेंगे।

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