उत्तराखंड में अगले सात दिन बारिश-गरज के आसार

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता के बीच अगले सात दिनों तक प्रदेश के अधिकांश जनपदों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का पूर्वानुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून की ओर से 15 अगस्त को दोपहर 1:30 बजे जारी सात दिवसीय जनपद-स्तरीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 15 से 21 अगस्त तक प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा/गरज के साथ बौछारें होने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 15 अगस्त से 21 अगस्त तक लगातार बारिश का दौर बने रहने की संभावना है। इस दौरान कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। विभाग ने सातों दिनों के लिए प्रदेश के अधिकांश जनपदों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना व्यक्त की है।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 15 अगस्त को उत्तराखंड के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। यही स्थिति 16, 17, 18, 19, 20 और 21 अगस्त को भी बने रहने का अनुमान है। यानी अगले एक सप्ताह तक मौसम में पूरी तरह राहत के आसार कम हैं और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान सामान्य से कम

मौसम विभाग की तापमान संबंधी रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तराखंड के मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी कम से लेकर सामान्य से कम रहा। लगातार बारिश और बादलों के प्रभाव के चलते तापमान में गिरावट बनी हुई है।

बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम सुहावना रहने के साथ-साथ कई स्थानों पर ठंडक बढ़ सकती है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में भी तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना है।

फ्लैश फ्लड का फिलहाल कोई खतरा नहीं

मौसम विभाग की रिपोर्ट में उत्तराखंड के लिए जारी नवीनतम फ्लैश फ्लड रिस्क (FFR) बुलेटिन में फिलहाल किसी क्षेत्र को चिंता वाले क्षेत्र के रूप में चिह्नित नहीं किया गया है। रिपोर्ट में Area of Concern: NIL दर्ज किया गया है।

इसका मतलब है कि मौजूदा पूर्वानुमान के आधार पर उत्तराखंड में फिलहाल फ्लैश फ्लड के लिए कोई विशेष क्षेत्र चिन्हित नहीं किया गया है। हालांकि मानसून के दौरान स्थानीय स्तर पर अचानक तेज बारिश की स्थिति बन सकती है, इसलिए नदी-नालों और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

लगातार बारिश से बढ़ सकती हैं स्थानीय दिक्कतें

अगले सात दिनों तक अधिकांश स्थानों पर बारिश का पूर्वानुमान होने के कारण पहाड़ी मार्गों पर यातायात प्रभावित होने, भूस्खलन वाले संवेदनशील क्षेत्रों में मलबा आने तथा निचले इलाकों में जलभराव जैसी स्थानीय समस्याएं सामने आ सकती हैं। हालांकि मौसम विभाग ने इस सात दिवसीय पूर्वानुमान में किसी क्षेत्र के लिए अलग से फ्लैश फ्लड जोखिम नहीं बताया है।

मौसम विभाग ने लोगों से मौसम की ताजा जानकारी और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी advisories पर नजर रखने की अपील की है। विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को बारिश के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

दून वैली टाइम्स की अपील है कि बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से नदी-नालों, गदेरों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के नजदीक जाने से बचें तथा मौसम खराब होने पर स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।

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