रुड़की। जेईई (एडवांस्ड) 2026 परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने का झूठा दावा करने वाले वीडियो को लेकर पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। परीक्षा की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करने वाले इस कथित भ्रामक वीडियो के मामले में सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, जेईई (एडवांस्ड) 2026 परीक्षा के आयोजन से जुड़े अधिकारियों ने पुलिस को शिकायत देकर बताया कि परीक्षा के दौरान और उसके बाद सोशल मीडिया एवं मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो प्रसारित किया गया, जिसमें प्रश्नपत्र लीक होने का दावा किया गया था। जांच में यह दावा भ्रामक और तथ्यहीन पाया गया।
आईआईटी रुड़की में जेईई (एडवांस्ड) 2026 के आयोजन अध्यक्ष प्रोफेसर एस.पी. हर्षा की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में कहा गया है कि 17 मई को आयोजित परीक्षा के संबंध में कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने वीडियो तैयार कर उसे टेलीग्राम समेत विभिन्न इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया। इस वीडियो का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैलाना और अभ्यर्थियों व अभिभावकों के बीच अनावश्यक चिंता उत्पन्न करना प्रतीत होता है।
वीडियो लिंक और सोशल मीडिया खातों की जांच
आयोजन समिति ने संबंधित वीडियो के लिंक तथा उससे जुड़े कुछ सोशल मीडिया खातों की जानकारी भी पुलिस को उपलब्ध कराई है। पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर वीडियो बनाने और प्रसारित करने वाले व्यक्तियों की पहचान करने में जुटी हुई है। इसके लिए तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता भी ली जा रही है।
परीक्षा व्यवस्था की साख को नुकसान पहुंचाने की कोशिश
शिकायत में कहा गया है कि इस प्रकार की झूठी और भ्रामक सामग्री परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकती है। साथ ही इससे छात्रों, अभिभावकों और आम जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा होने की आशंका रहती है। अधिकारियों ने ऐसे लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
सोशल मीडिया पर पुलिस की कड़ी निगरानी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। परीक्षा, भर्ती और अन्य संवेदनशील विषयों से जुड़ी अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद आरोपियों की पहचान कर उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
