धोखाधड़ी से शादी, उत्पीड़न, मारपीट और धमकी देने के आरोप; मंत्री ने अपने और बच्चों की सुरक्षा की लगाई गुहार
देहरादून। उत्तराखंड सरकार में मंत्री रेखा आर्य की शिकायत पर उनके पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ देहरादून की कैंट कोतवाली में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। 15 अक्टूबर 2026 को दर्ज प्राथमिकी में शिकायतकर्ता ने शादी के दौरान धोखे में रखने, अन्य महिलाओं से कथित संबंध, मारपीट, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में अपने और अपने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है।

शादी के समय वैवाहिक स्थिति छिपाने का आरोप
एफआईआर में दर्ज शिकायत के अनुसार, रेखा आर्य का विवाह 6 जुलाई 2004 को हिंदू रीति-रिवाज से गिरधारी लाल साहू के साथ हुआ था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि विवाह के समय उन्हें बताया गया था कि गिरधारी लाल साहू अविवाहित हैं। बाद में उन्हें कथित तौर पर पता चला कि वह पहले से विवाहित थे और उनकी पूर्व शादी से बच्चे भी थे।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि गिरधारी लाल साहू का अन्य महिलाओं के साथ कथित रूप से संबंध रहा है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इस संबंध में आपत्ति जताने पर उनके साथ विवाद और दुर्व्यवहार की घटनाएं हुईं।
मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप
प्राथमिकी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि विरोध करने पर उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज की गई तथा जान से मारने की धमकी दी गई। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि कथित तौर पर सरकारी आवास में स्टाफ के सामने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित किया गया।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि पहले माफी मांगने के बावजूद गिरधारी लाल साहू का व्यवहार नहीं बदला और उन्हें लगातार अपनी तथा अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर खतरा महसूस होने लगा।
फर्जी दस्तावेजों और कंपनी से जुड़े मामलों का भी उल्लेख
एफआईआर में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उनके हस्ताक्षर कथित रूप से कूटरचित तरीके से इस्तेमाल किए गए और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संबंधित कंपनियों में निदेशक पद से हटाने की कार्रवाई की गई। शिकायत में कहा गया है कि उन्होंने इस संबंध में कोई त्यागपत्र नहीं दिया था और न ही संबंधित दस्तावेज निष्पादित किए थे।
इसके अतिरिक्त, शिकायत में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया है कि उसमें गिरधारी लाल साहू एक महिला से बातचीत के दौरान शिकायतकर्ता को जान से मारने की साजिश की बात कर रहे हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध दस्तावेजों से नहीं होती है।
गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज
उपलब्ध एफआईआर की प्रति के अनुसार, कैंट कोतवाली, देहरादून में मुकदमा संख्या 0158/2026 दर्ज किया गया है। प्राथमिकी में भारतीय दंड संहिता, 1860 की विभिन्न धाराओं—120-B, 323, 420, 467, 468, 471, 495, 498-A, 504 और 506—के साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराओं 3(1)(घ), 3(1)(ध) और 3(2)(va) का उल्लेख है।
एफआईआर में निरीक्षक संतोष सिंह कुंवर का नाम थाना प्रभारी के रूप में दर्ज है। दस्तावेज के मुताबिक, शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपों की जांच और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही उनकी पुष्टि हो सकेगी।
अपने और बच्चों की सुरक्षा की मांग
शिकायतकर्ता ने पुलिस से गिरधारी लाल साहू के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा अपनी और अपने नाबालिग बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। मामले में पुलिस की आगे की जांच और कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
महत्वपूर्ण: प्राथमिकी में लगाए गए आरोप अभी आरोप हैं, न्यायालय द्वारा सिद्ध तथ्य नहीं। उपलब्ध दस्तावेजों में आरोपी का पक्ष और पुलिस जांच का अंतिम निष्कर्ष शामिल नहीं है। आरोपी का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।




