गैर-हिंदुओं के प्रवेश और सनातन धर्म में आस्था के शपथपत्र पर बीकेटीसी की स्थिति स्पष्ट करने की मांग
दून वैली टाइम्स | केदारनाथ/रुद्रप्रयाग
बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान रविवार को बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए धाम पहुंचीं। बताया गया कि हेलिकॉप्टर से पहुंचने के बाद उन्होंने मंदिर में दर्शन किए। इस दौरान धाम में मौसम खराब होने के साथ बर्फबारी भी हुई। कड़ाके की ठंड के बीच सारा आम श्रद्धालुओं की तरह कतार में खड़ी होकर अपनी बारी का इंतजार करती नजर आईं। जानकारी के अनुसार, उन्हें दर्शन के लिए करीब आधे घंटे तक लाइन में खड़ा रहना पड़ा।
दर्शन के दौरान ठंड से ठिठुरती सारा को देखकर कतार में मौजूद कुछ महिलाओं ने उन्हें शॉल देने की पेशकश भी की। बताया गया कि उस समय महिलाएं उन्हें पहचान नहीं सकीं। सारा अपने कुछ दोस्तों के साथ केदारनाथ पहुंची थीं। उन्होंने बाबा केदार के दर्शन के साथ बाबा भुकुंट भैरव के भी दर्शन किए। उनकी यह यात्रा इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि इसी वर्ष श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के मंदिरों में गैर-सनातनियों के प्रवेश और सनातन धर्म में आस्था के शपथपत्र को लेकर निर्णय तथा बयान सामने आए थे।
शपथपत्र के मुद्दे पर फिर उठे सवाल
बीकेटीसी की 10 मार्च 2026 को हुई बोर्ड बैठक में बदरीनाथ और केदारनाथ सहित समिति के अधीन मंदिरों में गैर-सनातनियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने की खबरें सामने आई थीं। इसके बाद समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मार्च में कहा था कि सनातन धर्म में आस्था रखने वाले गैर-हिंदू भी अपनी आस्था का शपथपत्र देकर दर्शन कर सकते हैं।
सारा अली खान के संदर्भ में भी यह मुद्दा चर्चा में आया था। ऐसे में उनके केदारनाथ पहुंचने के बाद यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या उनकी यात्रा के दौरान आस्था से संबंधित किसी शपथपत्र की प्रक्रिया अपनाई गई थी? हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह पुष्टि नहीं की जा सकती कि सारा ने कोई शपथपत्र दिया था या नहीं।
बीकेटीसी को स्पष्ट करनी होगी नियमों की स्थिति
इस पूरे मामले में बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित होने, शासन से उसके अंतिम अनुमोदन और मंदिर में उसके वास्तविक क्रियान्वयन के बीच अंतर करना जरूरी है। उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट नहीं होता कि सारा के दर्शन के समय संबंधित प्रस्ताव को अंतिम रूप से किस स्थिति में लागू किया गया था।
ऐसे में बीकेटीसी और संबंधित प्रशासन की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। समिति को बताना चाहिए कि गैर-सनातनियों के प्रवेश संबंधी प्रस्ताव का वर्तमान दर्जा क्या है, आस्था के शपथपत्र की व्यवस्था लागू है या नहीं और यदि लागू है, तो उसके पालन की प्रक्रिया क्या निर्धारित की गई है।
जब तक इस संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आती, तब तक सारा अली खान के दर्शन को नियमों का उल्लंघन या किसी विशेष छूट का मामला बताना उचित नहीं होगा।
वर्ष 2017 में फिल्म की शूटिंग के दौरान जुड़ा था केदारनाथ से नाता
सारा अली खान का केदारनाथ से जुड़ाव वर्ष 2017 में उनकी पहली फिल्म ‘केदारनाथ’ की शूटिंग के दौरान शुरू हुआ था। इसके बाद भी वह कई बार बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंच चुकी हैं। उनकी यात्राएं और मंदिर में दर्शन की तस्वीरें समय-समय पर सोशल मीडिया पर चर्चा में रही हैं।
22 अक्टूबर 2025 को भी सारा के केदारनाथ पहुंचने की जानकारी सामने आई थी। उस दौरान उन्होंने अपनी यात्रा से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए थे। इससे पहले वर्ष 2023 में भी उन्होंने केदारनाथ की यात्रा की थी। नवंबर 2021 में वह अभिनेत्री जान्हवी कपूर के साथ भी बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंची थीं।
काशी विश्वनाथ और महाकालेश्वर मंदिर में भी कर चुकी हैं पूजा
सारा अली खान उत्तराखंड के अलावा देश के अन्य प्रमुख शिव मंदिरों में भी पूजा-अर्चना कर चुकी हैं। वर्ष 2020 में वह वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंची थीं। वर्ष 2022 में उन्होंने उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भी दर्शन किए थे। उनके इन धार्मिक स्थलों के दौरों को लेकर पहले भी सार्वजनिक चर्चा होती रही है।
आस्था, परंपरा और नियमों पर सबकी नजर
सारा अली खान की केदारनाथ यात्रा ने एक बार फिर मंदिर प्रवेश से जुड़े नियमों, धार्मिक आस्था और बीकेटीसी के प्रस्ताव की स्थिति को चर्चा में ला दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मंदिर समिति और शासन इस मामले में क्या आधिकारिक स्पष्टीकरण देते हैं। फिलहाल, शपथपत्र दिए जाने और संबंधित नियमों के लागू होने की स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मुख्य सवाल: क्या बीकेटीसी के गैर-सनातनियों के प्रवेश संबंधी प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिल चुकी है और क्या सनातन धर्म में आस्था का शपथपत्र देकर दर्शन करने की व्यवस्था लागू है? इन सवालों पर समिति की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।
