गृह और वित्त मंत्रालय के कार्यालयों वाली ऐतिहासिक इमारत में उठे धुएं से मची हलचल; आग पर पाया गया काबू, कारणों की जांच का इंतजार
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में सोमवार, 26 अक्टूबर को नॉर्थ ब्लॉक स्थित सरकारी भवन में आग लगने की सूचना से हड़कंप मच गया। इस महत्वपूर्ण इमारत में केंद्रीय गृह मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के कार्यालय स्थित हैं। आग की सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की छह गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, आग पर काबू पा लिया गया और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
सुबह करीब 11:10 बजे मिली आग की सूचना
प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब 11:10 बजे नॉर्थ ब्लॉक की इमारत से धुआं उठने की सूचना मिली। इसके बाद दमकल विभाग की टीमों को तत्काल मौके पर भेजा गया। दमकलकर्मियों ने कार्रवाई करते हुए आग पर नियंत्रण पाया।
मरम्मत कार्य के दौरान आग लगने की आशंका
शुरुआती जानकारी में बताया गया कि भवन में मरम्मत और वेल्डिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान छत पर लगे एसी बॉयलर के आसपास आग लगने की बात सामने आई। कुछ रिपोर्टों में शॉर्ट सर्किट की आशंका भी जताई गई है। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही हो सकेगी।
गृह और वित्त मंत्रालय के कार्यालय इसी भवन में
नॉर्थ ब्लॉक दिल्ली के रायसीना हिल क्षेत्र में स्थित प्रमुख सरकारी भवनों में शामिल है। यहां केंद्रीय गृह मंत्रालय और वित्त मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों के कार्यालय हैं। ऐसे संवेदनशील सरकारी परिसर में आग की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा और अग्निशमन व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ना स्वाभाविक है।
सरकारी दस्तावेजों और उपकरणों को नुकसान हुआ या नहीं?
घटना के बाद सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या आग से सरकारी कार्यालयों, दस्तावेजों या उपकरणों को कोई नुकसान पहुंचा है। शुरुआती जानकारी में किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, नुकसान की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक जानकारी और जांच रिपोर्ट का इंतजार करना होगा।
आग के कारणों की जांच महत्वपूर्ण
नॉर्थ ब्लॉक जैसे महत्वपूर्ण सरकारी परिसर में आग लगने की घटना ने सुरक्षा इंतजामों पर ध्यान आकर्षित किया है। राहत की बात यह है कि शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार आग पर समय रहते काबू पा लिया गया। अब आग लगने के वास्तविक कारण, संभावित नुकसान और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।
