देहरादून। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अंतर्गत संचालित केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर नया विवाद सामने आया है। धार्मिक संगठन भैरव सेना की शिकायत के बाद समिति ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ ने ड्यूटी पर तैनात चार कर्मचारियों को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित सीसीटीवी फुटेज को भी जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।
सोशल मीडिया वीडियो के बाद बढ़ा विवाद
मामले ने उस समय तूल पकड़ा जब सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हुए, जिनमें दानपात्रों से निकाली जाने वाली राशि की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए। इसके बाद भैरव सेना के संस्थापक एवं अध्यक्ष संदीप खत्री ने BKTC को लिखित शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया कि चढ़ावे की राशि की गिनती के दौरान कथित अनियमितताएं हुई हैं। शिकायत में ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
अंदरूनी सूचना मिलने का दावा
संदीप खत्री का दावा है कि उन्हें मंदिर समिति के भीतर से दान राशि की गिनती में गड़बड़ी की जानकारी मिली थी। उनके अनुसार 2 जुलाई 2026 की सीसीटीवी फुटेज में एक कर्मचारी की गतिविधियां संदिग्ध दिखाई देने के बाद उन्होंने तत्काल BKTC के मुख्य कार्याधिकारी को ज्ञापन देकर जांच की मांग की।
चार कर्मचारियों को नोटिस, सीसीटीवी सुरक्षित
शिकायत मिलने के बाद BKTC के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने संबंधित चार कर्मचारियों से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है। समिति ने बताया कि 2 जुलाई की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग को सुरक्षित कर लिया गया है। प्रारंभिक स्तर पर फुटेज पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, इसलिए जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।
जांच समिति का गठन
BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष समिति गठित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई भी कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
‘मेरा कोई निजी पीए नहीं’
सोशल मीडिया पर चल रहे दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि उनका कोई निजी सचिव या निजी सहायक नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस कर्मचारी का नाम लिया जा रहा है, वह समिति का नियमित कर्मचारी है और पूर्व में भी विभिन्न अध्यक्षों के साथ वैयक्तिक सहायक के रूप में कार्य कर चुका है। उन्होंने कहा कि किसी भी कर्मचारी की भूमिका पर अंतिम निर्णय जांच पूरी होने के बाद ही होगा।
पारदर्शी जांच की उठी मांग
बदरीनाथ धाम के पूर्व रक्षा प्रवक्ता एवं तीर्थ पुरोहित समाज के अध्यक्ष अमित सती ने कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल कर्मचारियों की भूमिका ही नहीं, बल्कि दान और चढ़ावे के पूरे प्रबंधन तंत्र की भी समीक्षा की जानी चाहिए ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे।
BKTC ने बताई दान गिनने की प्रक्रिया
मंदिर समिति के अनुसार दानपात्रों से राशि निकालने, उसकी गिनती करने और बैंक में जमा कराने की पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार होती है। इस दौरान समिति के अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि और अधिकृत कर्मचारी मौजूद रहते हैं। पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी निगरानी में होती है तथा जमा की गई राशि का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाता है।
पहले भी उठ चुके हैं सवाल
इससे पहले भी BKTC विभिन्न मामलों को लेकर चर्चा में रही है। केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह में सोने की प्लेटों से जुड़े विवाद, कथित अनधिकृत QR कोड, वीआईपी व्यवस्थाओं पर खर्च, नियुक्तियों और वीआईपी दर्शन व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर भी समिति पर सवाल उठते रहे हैं।
BKTC क्या है?
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति का गठन द यूपी श्री बद्रीनाथ एंड श्री केदारनाथ टेंपल एक्ट, 1939 के तहत किया गया था। समिति दोनों धामों के प्रशासन, धार्मिक व्यवस्थाओं और संचालन की जिम्मेदारी संभालती है। वर्तमान मामले में जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



