मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय का घेराव, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन; वोट चोरी के आरोपों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग
देहरादून। मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर चल रहे विवाद के बीच शुक्रवार को देहरादून में कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पार्टी नेताओं ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय का घेराव किया और केंद्र सरकार तथा निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी की।

कांग्रेस ने यह प्रदर्शन अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आयोजित किया। पार्टी नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाता अधिकारों से जुड़े सवालों को उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने तथा उनके निर्णयों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस की ओर से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन प्रेषित किया गया। ज्ञापन में कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार को तत्काल बर्खास्त करने, कथित वोट चोरी के मामले में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने उनके निर्णयों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष समीक्षा कराने की मांग भी उठाई।

बैरिकेडिंग पर पुलिस से हुई नोकझोंक
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सचिवालय की ओर कूच करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। इसके बाद कार्यकर्ता वहीं धरने पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी की। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।

प्रदेश के दिग्गज कांग्रेस नेता रहे मौजूद
प्रदर्शन में प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा, सह प्रभारी मनोज यादव, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, CWC सदस्य करन माहरा, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, विधायकगण, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी तथा विभिन्न प्रकोष्ठों के अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता का अधिकार लोकतंत्र की बुनियाद है और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा निष्पक्षता बनाए रखना आवश्यक है। पार्टी ने कहा कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर जवाबदेही तय होने तक उसका आंदोलन जारी रहेगा।

कांग्रेस ने कहा—लोकतंत्र और मतदाता अधिकारों की रक्षा का संघर्ष जारी रहेगा
प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया से संबंधित उठाए जा रहे सवालों का समाधान पारदर्शी तरीके से होना चाहिए। पार्टी ने निर्वाचन आयोग के निर्णयों की स्वतंत्र समीक्षा और मतदाता अधिकारों की सुरक्षा को लेकर अपना आंदोलन आगे भी जारी रखने की बात कही।

नोट: ‘वोट चोरी’ और निर्वाचन आयोग के निर्णयों को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोप कांग्रेस के राजनीतिक दावे हैं। इन्हें समाचार में आरोप/दावे के रूप में ही प्रस्तुत किया जाना उचित है। देशभर में कांग्रेस के प्रदर्शन और CEC के इस्तीफे/हटाने की मांग की रिपोर्ट भी 25 सितंबर को प्रकाशित हुई है।

