भंडारा थात खेलकूद प्रतियोगिता में गरजे प्रीतम सिंह, बोले— 2027 में बदलाव तय, चकराता का विकास हमारी प्राथमिकता

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चकराता। भंडारा थात में आयोजित विशाल खेलकूद प्रतियोगिता में वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं विधायक चकराता प्रीतम सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। अपने विस्तृत संबोधन में उन्होंने जनजातीय क्षेत्र के अधिकारों, सड़क, शिक्षा, पर्यटन और आधारभूत विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि चकराता विधानसभा का समग्र विकास हमेशा उनकी प्राथमिकता रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2027 में प्रदेश में राजनीतिक बदलाव के साथ चकराता विधानसभा में भी बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा।

प्रीतम सिंह ने कहा कि जनजातीय क्षेत्र का दर्जा यहां के लोगों के लिए सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। उन्होंने कहा कि यदि यह दर्जा नहीं होता तो स्थानीय लोगों की जमीनें सुरक्षित नहीं रह पातीं। जनजातीय व्यवस्था ने यहां के लोगों की भूमि, संस्कृति और पहचान को सुरक्षित रखने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग भी अपने अधिकारों और भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि चकराता विधानसभा पर्वतीय क्षेत्रों की उन चुनिंदा विधानसभाओं में शामिल है, जहां सबसे अधिक गांवों को सड़क संपर्क से जोड़ने का कार्य हुआ। उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकाल में भंडारा, बनियाना सहित कई दुर्गम क्षेत्रों तक सड़क पहुंचाई गई। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का श्रेय लेने की राजनीति अलग विषय है, लेकिन क्षेत्र की जनता जानती है कि कौन-से कार्य किस सरकार के समय हुए।

अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए प्रीतम सिंह ने कहा कि कौसी क्षेत्र में पॉलीटेक्निक खोलने का निर्णय लिया गया था। इसके अलावा कौसी और लखनवंडन में मिनी स्टेडियम, सैंज क्षेत्र में पॉलीटेक्निक, कोरवा में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय तथा काशी क्षेत्र में नवोदय विद्यालय की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण कार्य उनकी सरकार ने किए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का सबसे अधिक लाभ स्थानीय युवाओं और विद्यार्थियों को मिला।

उन्होंने कहा कि पहले चकराता क्षेत्र में लागू गेट प्रणाली के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। यदि कोई व्यक्ति कुछ मिनट भी देर कर देता था तो उसे घंटों इंतजार करना पड़ता था। उनकी सरकार ने इस व्यवस्था को समाप्त कर लोगों को बड़ी राहत दी। साथ ही काशी-सैंज-चकराता सहित कई मोटर मार्गों का चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण और स्थायी रखरखाव की व्यवस्था भी की गई। उन्होंने कहा कि आज जिन सड़कों पर लोग आसानी से सफर कर रहे हैं, उन्हें मजबूत आधार देने का कार्य कांग्रेस सरकार के समय किया गया।

प्रीतम सिंह ने टाइगर फॉल के विकास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले वहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव था, लेकिन उनकी सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आवश्यक सुविधाएं विकसित कराईं। आज टाइगर फॉल देशभर के पर्यटकों के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हो चुका है।

अपने संबोधन में उन्होंने एक महत्वपूर्ण सड़क परियोजना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि लगभग 18 किलोमीटर लंबी तथा करीब ₹19.51 करोड़ की लागत वाली सड़क के लिए स्थानीय जनता ने वर्षों तक संघर्ष किया। लोगों ने लोक निर्माण विभाग के कार्यालय में धरना-प्रदर्शन भी किया। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि राज्य सरकार इस सड़क का निर्माण स्वीकृत करेगी और मुख्यमंत्री स्वयं इसकी घोषणा करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

उन्होंने कहा कि यदि उन्हें मुख्यमंत्री के साथ मंच साझा करने का अवसर मिलता तो वे स्वयं इस सड़क निर्माण की घोषणा कराने का आग्रह करते। उन्होंने अपने ग्राम विकास मंत्री के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क मजबूत करने के लिए व्यापक कार्य किए और सड़कों के महत्व को भली-भांति समझते हैं।

प्रीतम सिंह ने कहा कि संघर्ष करने वालों को कभी निराश नहीं होना चाहिए। हर लड़ाई पहली बार में नहीं जीती जाती, लेकिन लगातार प्रयास से सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों और क्षेत्र के विकास के लिए एकजुट होकर संघर्ष जारी रखें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अगले वर्ष तक इस सड़क परियोजना को लेकर भी सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।

अपने राजनीतिक संदेश में प्रीतम सिंह ने कहा कि जनता ने उन्हें हमेशा विश्वास और सम्मान दिया है। उन्हें संगठन और सरकार में विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने का अवसर मिला और अब 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए उन्हें चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता बदलाव चाहती है और वर्ष 2027 में उत्तराखंड के साथ-साथ चकराता विधानसभा में भी बड़ा राजनीतिक परिवर्तन देखने को मिलेगा।

कार्यक्रम के अंत में उन्होंने खेलकूद प्रतियोगिता के आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के साथ-साथ युवाओं को सकारात्मक दिशा देते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया तथा क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया।

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