जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कथित अभद्रता का मामला, दिल्ली पुलिस को दी शिकायत; क्राइम ब्रांच से जांच का आश्वासन
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शनिवार को हुए प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस के कुछ पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न, अभद्रता और गलत तरीके से रोकने के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला पत्रकारों की ओर से इस संबंध में पुलिस को लिखित शिकायत देकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायत के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान तीनों महिला पत्रकार अपने-अपने यूट्यूब चैनल के लिए वीडियो बना रही थीं। इसी दौरान पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने की कार्रवाई के बीच एक महिला पत्रकार को कथित रूप से हिरासत में लिया गया। आरोप है कि जब वह वीडियो बना रही थीं, तब उन्हें रोक दिया गया।
महिला पत्रकारों का आरोप है कि इसके बाद एक पुलिस अधिकारी और उसके साथ मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने उनके साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न एवं अभद्र व्यवहार किया। शिकायत में घटना के दौरान पुलिसकर्मियों के व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
क्राइम ब्रांच को जांच सौंपने का आश्वासन
मामले में दिल्ली पुलिस की ओर से शिकायत दर्ज कर उसकी जांच क्राइम ब्रांच को भेजे जाने की बात कही गई है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, पुलिस ने मामले में 24 घंटे के भीतर कार्रवाई शुरू करने का आश्वासन दिया है।
महिला पत्रकारों का कहना है कि उन्होंने घटना से संबंधित तथ्यों और अपने आरोपों को पुलिस के समक्ष रखा है तथा मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है।
संसद मार्ग के बाहर भी दिया धरना
बताया गया है कि तीनों महिला पत्रकारों ने शनिवार को संसद मार्ग थाने के बाहर धरना भी दिया। इस दौरान उन्होंने पुलिस के खिलाफ अपनी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
शिकायत में एक पुलिस अधिकारी सहित अन्य पुलिसकर्मियों पर कथित अभद्रता के आरोप लगाए गए हैं। महिला पत्रकारों का आरोप है कि वे अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए थाने पहुंचीं, लेकिन उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने विरोध जताते हुए धरना दिया।
निष्पक्ष जांच की मांग
महिला पत्रकारों ने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराने, घटना के दौरान मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच करने और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
हालांकि, पुलिस की ओर से आरोपों की पुष्टि अथवा मामले में दोष तय होना जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
