एसएसपी दून के निर्देश पर कार्रवाई, सहारनपुर बॉर्डर पर ले जाकर पुलिस ने कराई मुनादी
देहरादून। राजधानी देहरादून में अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। एसएसपी देहरादून के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना नेहरू कॉलोनी पुलिस ने गुण्डा अधिनियम के अंतर्गत एक आदतन अपराधी को छह माह के लिए जिला बदर कर दिया। पुलिस ने ढोल-नगाड़े बजाकर और लाउडस्पीकर के माध्यम से मुनादी कराते हुए आरोपी को जनपद की सीमा से बाहर छोड़ा।
पुलिस के अनुसार, थाना नेहरू कॉलोनी क्षेत्र के माता मंदिर रोड, मोथरोवाला निवासी आशीष रांगड़ पुत्र प्रताप सिंह रांगड़ के विरुद्ध मारपीट, लड़ाई-झगड़े और अन्य आपराधिक गतिविधियों से संबंधित कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने उसके आपराधिक इतिहास और क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिला बदर की कार्रवाई की संस्तुति की थी।
जिलाधिकारी के आदेश पर हुई कार्रवाई
पुलिस द्वारा आरोपी के विरुद्ध उत्तराखंड गुण्डा नियंत्रण अधिनियम की धारा 3(1) के तहत रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी देहरादून को भेजी गई थी। मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने आरोपी को छह माह के लिए जिला बदर करने के आदेश जारी किए।
इन आदेशों के अनुपालन में 10 अक्टूबर 2026 को थाना नेहरू कॉलोनी पुलिस ने आरोपी को सहारनपुर, उत्तर प्रदेश की सीमा तक पहुंचाकर जनपद देहरादून से बाहर किया। इस दौरान ढोल-नगाड़ों और लाउडस्पीकर के जरिए सार्वजनिक रूप से मुनादी भी कराई गई।
छह माह तक देहरादून में प्रवेश करने पर होगी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिला बदर की निर्धारित छह माह की अवधि के दौरान वह जनपद देहरादून की सीमा में प्रवेश न करे। इस अवधि में जनपद की सीमा के भीतर पाए जाने पर उसके विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दून पुलिस का कहना है कि जनपद में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा आदतन अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए निरोधात्मक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, आशीष रांगड़ के विरुद्ध निम्नलिखित मुकदमे दर्ज हैं:
- मुकदमा संख्या 186/2025: धारा 117(2), 352, 351(2), 191(2) बीएनएस।
- मुकदमा संख्या 35/2025: धारा 115(2), 126, 191(2), 351(2) बीएनएस।
- मुकदमा संख्या 406/2023: धारा 148, 325, 506 आईपीसी।
- मुकदमा संख्या 104/2025: धारा 115(2), 191(2) बीएनएस।
पुलिस के मुताबिक, इन मुकदमों और आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए जिला बदर की कार्रवाई की गई है।
