यूपीईएस में कार्यशाला, डीएम ने कहा—सकारात्मक और रचनात्मक जीवन का करें चयन
देहरादून, 22 सितंबर। ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत जिला प्रशासन, समाज कल्याण विभाग देहरादून एवं यूपीईएस के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को यूपीईएस कैंपस, बिधोली, प्रेमनगर में छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ एवं समापन राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के साथ हुआ।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया और छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए उन्हें नशे से दूर रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में समय और अवसर सीमित होते हैं, इसलिए यह तय करना जरूरी है कि वह अपने जीवन में किस दिशा का चयन करता है। युवाओं से उन्होंने अपने भविष्य के लिए सकारात्मक, रचनात्मक और स्वस्थ विकल्प अपनाने तथा नशे से पूरी तरह दूर रहने का आह्वान किया।

‘डोपामेन ट्रैप’ से बचने के लिए आत्म-अनुशासन जरूरी
डीएम ने कहा कि नशे की गिरफ्त में आने वाला व्यक्ति केवल स्वयं को नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि इसका असर उसके परिवार और पूरे समाज पर भी पड़ता है। उन्होंने ड्रग्स के नशे को एक प्रकार का ‘डोपामेन ट्रैप’ बताते हुए कहा कि एक बार इसकी गिरफ्त में आने के बाद व्यक्ति धीरे-धीरे इससे बाहर निकलने में कठिनाई महसूस कर सकता है। इससे बचने के लिए आत्मविश्लेषण, आत्म-अनुशासन और स्वयं पर नियंत्रण बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि नशे जैसी गंभीर सामाजिक समस्या से निपटने के लिए सरकार, प्रशासन, पुलिस, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों, अभिभावकों और आम नागरिकों को मिलकर निरंतर प्रयास करने होंगे। युवा वर्ग विशेष रूप से नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के निशाने पर रहता है, इसलिए युवाओं को समय रहते जागरूक करना बेहद महत्वपूर्ण है।
डीएम ने बताया कि नशे के खिलाफ जागरूकता को व्यापक स्तर तक पहुंचाने के लिए जनपद के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में भी इस तरह की कार्यशालाएं आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी जाएगी।

कहानी के जरिए एसपी सिटी ने समझाए नशे के दुष्परिणाम
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक नगर शेखर चन्द्र सुयाल ने प्रभावी कहानी के माध्यम से छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि नशे जैसी सामाजिक समस्या को रोकने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, यूपीईएस के वाइस चांसलर मनीष मदान और विशेष अतिथि ललित जोशी ने भी छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। वक्ताओं ने युवाओं से स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने और नशे से दूर रहने का आह्वान किया।
नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दिया नशा मुक्ति का संदेश
कार्यशाला में छात्र-छात्राओं को जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। प्रस्तुतियों के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों के साथ-साथ इसके कारण उत्पन्न होने वाली पारिवारिक एवं सामाजिक समस्याओं को दर्शाया गया। साथ ही नशा छोड़ने और दूसरों को भी नशे से बचाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं अन्य प्रतिभागियों को नशे से दूर रहने और नशा मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने की शपथ भी दिलाई गई। अधिकारियों ने युवाओं से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने मित्रों, परिवारजनों तथा आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें।
ये अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, पुलिस अधीक्षक नगर शेखर चन्द्र सुयाल, यूपीईएस के वाइस चांसलर मनीष मदान, विशेष अतिथि ललित जोशी, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलाल भारती, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रोहित गोंडवाल, डॉ. प्रदीप राणा, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, यूपीईएस की डॉ. दीपा मेहरा रावत, डॉ. रोहित रस्तोगी, शिक्षकगण सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
