देहरादून। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं चकराता विधायक प्रीतम सिंह से शुक्रवार को उनके देहरादून स्थित आवास पर शहर में संचालित विभिन्न कोचिंग संस्थानों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड के बाद उत्तराखंड सरकार और विकास प्राधिकरणों द्वारा कोचिंग संस्थानों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं।
प्रतिनिधिमंडल ने विधायक प्रीतम सिंह को एक लिखित ज्ञापन सौंपते हुए आग्रह किया कि कोचिंग संस्थानों के विरुद्ध सीधे सीलिंग जैसी कठोर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें अग्निशमन एवं अन्य सुरक्षा मानकों से संबंधित कमियों को दूर करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाए।
संचालकों का कहना था कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी संस्थान सुरक्षा मानकों का पालन करने के पक्षधर हैं। हालांकि, कई संस्थानों में कुछ तकनीकी एवं प्रशासनिक कमियां हैं, जिन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर दूर किया जा सकता है। ऐसे में बिना पूर्व सूचना या सुधार का अवसर दिए सीधे सीलिंग की कार्रवाई से हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होगी और शिक्षकों व कर्मचारियों के समक्ष भी रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल ने विधायक प्रीतम सिंह से अनुरोध किया कि वे शासन स्तर पर इस विषय को उठाकर संबंधित विभागों से वार्ता करें तथा यह सुनिश्चित कराया जाए कि कोचिंग संस्थानों को सुरक्षा मानकों के अनुरूप आवश्यक सुधार करने के लिए पर्याप्त समय और अवसर प्रदान किया जाए।
विधायक प्रीतम सिंह ने प्रतिनिधिमंडल की बात गंभीरता से सुनी और आश्वासन दिया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता किए बिना कोचिंग संचालकों की व्यावहारिक समस्याओं को शासन के समक्ष रखा जाएगा, ताकि सुरक्षा मानकों का पालन भी हो और शिक्षा व्यवस्था भी प्रभावित न हो।





