सीमाद्वार नाला पुनर्निर्माण परियोजना का डीएम ने किया स्थलीय निरीक्षण, अवैध सड़क कटिंग पर मशीन सीज

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देहरादून, 8 जुलाई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के तहत देहरादून कैंट विधानसभा क्षेत्र के शास्त्रीनगर-सीमाद्वार में प्रस्तावित नाला पुनर्निर्माण एवं जलनिकासी सुदृढ़ीकरण परियोजना की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) का बुधवार को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान क्षेत्र में सामने आए अनधिकृत सड़क कटिंग के मामले में जिलाधिकारी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कार्य बंद कराया और मौके पर प्रयुक्त मशीन को सीज करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप लगभग ₹14.25 करोड़ की लागत से सीमाद्वार क्षेत्र में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नाला पुनर्निर्माण की योजना तैयार की गई है। परियोजना के तहत 2160 मीटर लंबाई में आरसीसी बैरल नाले का निर्माण प्रस्तावित है। नाले की चौड़ाई 2.25 मीटर तथा गहराई 2.40 मीटर होगी। इसके साथ दोनों ओर नालियों का निर्माण और यातायात संबंधी आवश्यक कार्य भी किए जाएंगे, जिससे बरसात के दौरान जल निकासी व्यवस्था मजबूत हो सके।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जलग्रहण क्षेत्र, नाले की वर्तमान स्थिति, जल प्रवाह की दिशा, निकासी में आ रही बाधाओं और आसपास की आबादी पर पड़ने वाले प्रभाव का विस्तृत अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों को शामिल कर डीपीआर को अंतिम रूप दिया जाएगा, ताकि परियोजना क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप तैयार हो।

अनधिकृत सड़क कटिंग पर सख्त कार्रवाई

निरीक्षण के दौरान सड़क कटिंग की शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच में पाया गया कि बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति और निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए सड़क कटिंग का कार्य किया जा रहा था। मानसून के दौरान लागू प्रतिबंधों को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल कार्य रुकवाया और मौके पर मौजूद मशीन को सीज करने के निर्देश दिए।

उन्होंने संबंधित विभागों को क्षतिग्रस्त सड़क की शीघ्र मरम्मत कराने, जनसुविधाओं को बहाल करने तथा नगर निगम के साथ समन्वय बनाकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू करने और जवाबदेही तय करने को भी कहा।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान एसडीएम सदर अपूर्वा सिंह, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता महेंद्र सिंह बोरा, अधिशासी अभियंता पुरुषोत्तम, वन विभाग के अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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