देहरादून। सड़क दुर्घटना में घायल 15 वर्षीय किशोर के इलाज में कथित चिकित्सीय लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि अस्पताल में गंभीर रूप से घायल किशोर के दाएं गुर्दे के बजाय बाएं गुर्दे का ऑपरेशन कर दिया गया, जिससे उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई और बाद में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले में पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने पर पीड़ित परिवार ने अदालत की शरण ली। अब कोर्ट के आदेश पर नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस ने पांच डॉक्टरों और अस्पताल संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

सहारनपुर निवासी मैनपाल ने अपने अधिवक्ता शिवा वर्मा के माध्यम से अदालत में प्रार्थनापत्र दाखिल कर बताया कि उनका 15 वर्षीय पुत्र गौरव 3 जुलाई 2022 को एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था। हादसे में उसके दाएं हाथ और दाएं गुर्दे में गंभीर चोटें आई थीं। उपचार के लिए उसे देहरादून के रिस्पना पुल स्थित प्रसाद मल्टी स्पेशलिस्ट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉ. आलम ने उसे भर्ती किया।
परिजनों का आरोप है कि भर्ती के बाद कई घंटों तक आवश्यक ऑपरेशन नहीं किया गया। पूछने पर बताया गया कि ऑपरेशन के लिए बाहर से विशेषज्ञ डॉक्टर बुलाए गए हैं। 4 जुलाई की रात चिकित्सकों की टीम ने उसके दाएं हाथ का ऑपरेशन किया, जबकि परिजनों के अनुसार उस समय सबसे गंभीर चोट गुर्दे में थी।
दाएं की जगह बाएं गुर्दे का ऑपरेशन करने का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 5 जुलाई को दाएं गुर्दे के बजाय बाएं गुर्दे का ऑपरेशन कर दिया गया, जिससे किशोर की हालत और बिगड़ गई। परिजनों ने अस्पताल से डिस्चार्ज करने का अनुरोध भी किया, लेकिन आरोप है कि इसकी अनुमति नहीं दी गई।
बाद में 8 जुलाई की शाम गौरव की स्थिति अत्यधिक गंभीर होने पर उसे दूसरे अस्पताल रेफर किया गया। इसके बाद उसे सिनर्जी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा
मृतक के पिता मैनपाल का आरोप है कि उनके पुत्र की मौत डॉ. आलम, डॉ. ऋतु गोयल, डॉ. शिवांकर आजाद, डॉ. अनुज और डॉ. बिलाल कलीम की कथित चिकित्सीय लापरवाही के कारण हुई।
मामले की सुनवाई के बाद पंचम अपर सिविल जज भारती मंगलानी ने प्रार्थनापत्र स्वीकार करते हुए नेहरू कॉलोनी थाना प्रभारी को संबंधित चिकित्सकों और अस्पताल संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के आदेश दिए। अदालत के निर्देशों के अनुपालन में पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नोट: यह मामला न्यायालय के आदेश पर दर्ज एफआईआर और शिकायत में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगा।




