टिहरी। उत्तराखंड के चर्चित केतन लाल हत्याकांड में अब बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है। जिस मामले में दलित छात्र केतन लाल की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या के आरोप में चार लोग जेल भेजे जा चुके हैं, उसी मामले में अब मृतक केतन लाल और उसके मित्र दिवाकर डिमरी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई नाबालिग लड़की की मां की शिकायत, हाईकोर्ट के निर्देश और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर की गई है। मामले में अब हत्या, कथित दुष्कर्म, पॉक्सो और नाबालिग लड़की के गर्भवती होने जैसे कई गंभीर पहलू जुड़ गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
बताया गया कि टिहरी जिले के देवल गांव निवासी 18 वर्षीय केतन लाल का गांव की एक नाबालिग लड़की से प्रेम संबंध था। आरोप है कि 7 जून की रात लड़की के बुलावे पर केतन अपने मित्र दिवाकर डिमरी के साथ गांव पहुंचा था। इसके बाद लड़की के परिजनों ने दोनों युवकों को पकड़ लिया।
आरोप है कि दोनों को रातभर एक कमरे में बंद कर बेरहमी से पीटा गया। अगली सुबह गंभीर रूप से घायल केतन लाल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लंबगांव ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। जबकि दिवाकर डिमरी को गंभीर हालत में उच्च केंद्र रेफर किया गया।
हत्या के आरोप में चार आरोपी जेल में
केतन की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया था। पुलिस ने जांच के दौरान नाबालिग लड़की के पिता, दादा समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या सहित अन्य धाराओं में जेल भेज दिया। मामले की जांच सीओ चंबा को सौंपी गई और फोरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए।
फिर सामने आया दूसरा पक्ष
हत्या मामले की जांच के दौरान नाबालिग लड़की की मां ने आरोप लगाया कि घटना वाली रात उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म हुआ था और पुलिस उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं कर रही थी। इसके बाद उन्होंने नैनीताल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद दर्ज हुआ मुकदमा
हाईकोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने नाबालिग का मेडिकल परीक्षण कराया। लंबगांव थाना पुलिस के अनुसार मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मृतक केतन लाल और दिवाकर डिमरी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच महिला उपनिरीक्षक हेमलता को सौंपी गई है।
पुलिस का यह भी कहना है कि मेडिकल जांच के दौरान नाबालिग लड़की के गर्भवती होने की पुष्टि हुई है। हालांकि गर्भधारण और उससे जुड़े सभी तथ्यों की जांच अभी जारी है।
केतन के अंतिम बयान भी चर्चा में
घटना के बाद घायल अवस्था में केतन लाल का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वह दावा करता दिखाई दिया कि उसे लड़की ने बुलाया था और उसके पास बातचीत व संदेशों के प्रमाण हैं। उसने यह भी कहा था कि उसे बेरहमी से पीटा गया और उसकी हालत गंभीर है।
हालांकि, इन दावों की सत्यता की पुष्टि अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी। पुलिस और न्यायालय दोनों पहलुओं—हत्या और दुष्कर्म—की अलग-अलग कानूनी जांच कर रहे हैं।
जांच जारी
फिलहाल इस पूरे प्रकरण में एक ओर हत्या के आरोप में चार आरोपी जेल में हैं, जबकि दूसरी ओर मृतक केतन लाल और उसके मित्र के खिलाफ पॉक्सो व दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज होने से मामला और जटिल हो गया है। अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायालय के फैसले के बाद ही स्पष्ट होगा।


