गजा के बौंर डांडा क्षेत्र में घंटों मंडराता रहा खतरा, ग्रामीणों में मचा हड़कंप; बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
टिहरी। उत्तराखंड के टिहरी जिले में गुलदार की बढ़ती सक्रियता ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। नगर पंचायत गजा क्षेत्र के वार्ड संख्या चार अंतर्गत फलसारी बौंर डांडा (गौंत्याचली) इलाके में रविवार को दिनदहाड़े एक गुलदार आबादी के बेहद करीब चीड़ के पेड़ पर बैठा दिखाई दिया। आबादी के नजदीक और वह भी दिन के उजाले में गुलदार की मौजूदगी सामने आने से आसपास के ग्रामीणों में हड़कंप मच गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ग्रामीणों की नजर क्षेत्र में एक ऊंचे चीड़ के पेड़ पर बैठे गुलदार पर पड़ी। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। हालांकि ग्रामीणों ने सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए गुलदार की तस्वीरें और वीडियो बनाए। आबादी के करीब गुलदार को देखकर लोगों में भय का माहौल बना रहा।
शोर मचाने के बावजूद पेड़ पर बैठा रहा
बताया जा रहा है कि ग्रामीणों ने गुलदार को आबादी से दूर भगाने के लिए शोर भी मचाया, लेकिन गुलदार काफी समय तक पेड़ पर ही बैठा रहा। उसकी मौजूदगी से आसपास के लोगों में दहशत बनी रही। कुछ समय बाद गुलदार पेड़ से नीचे उतरा और जंगल की ओर चला गया।
गुलदार के जंगल की तरफ चले जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस तो ली, लेकिन क्षेत्र में उसकी लगातार गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों की चिंता बरकरार है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गुलदार इसी तरह आबादी के आसपास सक्रिय रहा तो किसी दिन इंसान और वन्यजीव के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है।
बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता
ग्रामीणों के मुताबिक आबादी के नजदीक गुलदार की मौजूदगी से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर विशेष चिंता बनी हुई है। शाम के समय ग्रामीणों का घरों से बाहर निकलना और खेतों की ओर जाना भी जोखिम भरा महसूस हो रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में पहले भी गुलदार की गतिविधियां नजर आती रही हैं। ऐसे में वन विभाग को केवल गुलदार के दिखाई देने के बाद कार्रवाई करने के बजाय संवेदनशील इलाकों में नियमित निगरानी और गश्त बढ़ाने की जरूरत है।
वन विभाग से गश्त बढ़ाने की मांग
नगर पंचायत गजा के अध्यक्ष कुंवर सिंह चौहान ने आबादी क्षेत्र के नजदीक गुलदार दिखाई देने की सूचना वन विभाग को दी है। उन्होंने कहा कि गुलदार की सक्रियता के कारण स्थानीय लोगों में भय का माहौल है।
उन्होंने वन विभाग से क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने, गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखने और संवेदनशील स्थानों की निगरानी करने की मांग की है। साथ ही जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ने की कार्रवाई किए जाने की मांग भी की गई है।
समय रहते निगरानी बढ़ाने की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि आबादी के आसपास गुलदार की लगातार आवाजाही को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। यदि समय रहते निगरानी और सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए तो भविष्य में किसी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि बौंर डांडा और आसपास के आबादी वाले क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई जाए तथा गुलदार की गतिविधियों को ट्रैक किया जाए, ताकि मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावित स्थिति को टाला जा सके।
दून वैली टाइम्स की अपील: गुलदार दिखाई देने पर उसके करीब न जाएं, भीड़ न लगाएं और उसे उकसाने या भगाने की कोशिश न करें। तत्काल वन विभाग को सूचना दें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
