पेपर लीक पर सीएम धामी का बड़ा बयान: युवाओं के सपनों पर न हो राजनीति, दोषियों पर जारी रहेगी सख्त कार्रवाई

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देहरादून | दून वैली टाइम्स

उत्तराखंड में पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर जारी बहस के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य और उनके सपनों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं और उनकी मांगों को उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन ऐसे विषयों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करना उचित नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी का सबसे बड़ा नुकसान उन लाखों युवाओं को होता है, जो वर्षों तक मेहनत कर सरकारी नौकरियों की तैयारी करते हैं। सरकार की प्राथमिकता ऐसे ईमानदार और मेहनती अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करना है।

फास्ट ट्रैक कोर्ट के फैसले का किया स्वागत

सीएम धामी ने पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे ऐसे मामलों का जल्द निपटारा होगा, दोषियों को समय पर सजा मिलेगी और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाने और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही हैं। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

उत्तराखंड में 100 से अधिक आरोपियों पर कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी और पेपर लीक के मामलों में अब तक 100 से अधिक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए हजारों युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी है और व्यवस्था को और अधिक भरोसेमंद बनाने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं।

छात्रों की समस्याएं उठाना उचित, लेकिन राजनीति नहीं

सीएम धामी ने कहा कि यदि किसी आंदोलन का उद्देश्य छात्रों की समस्याओं का समाधान कराना है तो उसका स्वागत किया जाना चाहिए। लेकिन जब युवाओं के भविष्य से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को राजनीतिक रंग दिया जाता है, तो उसकी मंशा पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि हर योग्य और मेहनती अभ्यर्थी को निष्पक्ष अवसर मिले तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार के लिए व्यवस्था में कोई स्थान न हो।

आगे भी जारी रहेगी सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार पारदर्शी भर्ती प्रणाली को और मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भविष्य में भी पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में धांधली या किसी भी भर्ती घोटाले में शामिल पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार ईमानदारी से तैयारी करने वाले युवाओं के हितों की हर स्तर पर रक्षा करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि सरकारी नौकरियों में चयन केवल योग्यता और मेहनत के आधार पर हो।

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