शंघाई में सानिया और पार्थ ने जीते रजत पदक, भारत के लिए बढ़ाया देवभूमि का मान
देहरादून, 01 अक्टूबर। चीन के शंघाई में आयोजित 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता-2026 में उत्तराखंड के दो होनहार युवाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए रजत पदक हासिल किए। उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ की सानिया जोशी ने रिटेल सेल्स और देहरादून के पार्थ वोहरा ने इंडस्ट्रियल डिजाइन टेक्नोलॉजी में रजत पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया।

22 से 27 सितंबर तक आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में दुनिया भर से करीब 1,400 प्रतिभागियों ने 64 कौशल विधाओं में हिस्सा लिया। भारत ने प्रतियोगिता में 6 रजत पदक और 20 मेडलियन्स फॉर एक्सीलेंस हासिल किए। भारत का प्रदर्शन विश्व स्तर पर 10वें स्थान पर रहा, जिसे वर्ल्डस्किल्स में देश का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बताया गया है।
इंडियास्किल्स से वर्ल्डस्किल्स तक पहुंची प्रतिभा
सानिया जोशी और पार्थ वोहरा की अंतरराष्ट्रीय सफलता के पीछे लंबे समय की मेहनत और प्रशिक्षण रहा। दोनों ने इंडियास्किल्स की राज्य, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया। इसके बाद चयन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों को पार करते हुए दोनों ने वर्ल्डस्किल्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर हासिल किया।
इस पूरी यात्रा में कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग तथा उत्तराखंड कौशल विकास समिति (यूकेएसडीएस) ने दोनों प्रतिभागियों को प्रशिक्षण, बूट कैंप, यात्रा, ठहरने सहित आवश्यक व्यवस्थाओं में सहयोग प्रदान किया।

रिटेल सेल्स में सानिया ने जीता रजत
उत्तरकाशी जिले के चिन्यालीसौड़ की रहने वाली 21 वर्षीय सानिया जोशी ने रिटेल सेल्स में अपनी दक्षता का शानदार प्रदर्शन किया। सानिया ने एनआईएफटी पंचकूला से फैशन टेक्नोलॉजी में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है।
प्रतियोगिता की तैयारी के लिए उन्हें मुंबई स्थित एलटीए स्कूल ऑफ ब्यूटी में विशेष प्रशिक्षण एवं बूट कैंप कराया गया। प्रशिक्षण के दौरान विजुअल मर्चेंडाइजिंग, ग्राहक संवाद, व्यवसाय प्रबंधन, पोस्टर डिजाइन, लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए संवाद तथा ई-मेल कम्युनिकेशन जैसे विभिन्न कौशलों पर विशेष रूप से काम किया गया।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर सानिया ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया।
स्वर्ण पदक से सिर्फ एक अंक पीछे रहे पार्थ
देहरादून निवासी 25 वर्षीय पार्थ वोहरा ने इंडस्ट्रियल डिजाइन टेक्नोलॉजी में रजत पदक हासिल किया। पार्थ ने यूपीईएस देहरादून से प्रोडक्ट डिजाइन में स्नातक किया है और वर्तमान में नोएडा की एक कंपनी में इंडस्ट्रियल डिजाइनर के रूप में कार्यरत हैं।
वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता में पार्थ ने 721 अंक हासिल किए और स्वर्ण पदक से महज एक अंक पीछे रहे। उनकी यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इंडस्ट्रियल डिजाइन टेक्नोलॉजी उत्तराखंड की राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता में शामिल कौशल विधाओं में नहीं था।
इसके बावजूद पार्थ ने ट्रैक-2 के माध्यम से प्रतियोगिता में प्रवेश किया और क्षेत्रीय तथा राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए वर्ल्डस्किल्स के लिए अपनी जगह बनाई।
एनएसडीसी ने भी दिया विशेष प्रशिक्षण सहयोग
दोनों प्रतिभागियों की अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) ने भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया। प्रतिभागियों को प्रशिक्षण, आवश्यक उपकरण, आवास, स्टाइपेंड और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के अनुरूप व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराया गया।
इस सहयोग से सानिया और पार्थ को अपनी तकनीकी एवं व्यावसायिक दक्षताओं को और बेहतर बनाने का अवसर मिला।
सरकार ने दी बधाई
कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के सचिव रवि शंकर ने कहा कि सानिया और पार्थ की सफलता कौशल आधारित प्रशिक्षण, संस्थागत सहयोग और युवाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराने के महत्व को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि विभाग और यूकेएसडीएस की ओर से प्रदेश के युवाओं को कौशल प्रतियोगिताओं के माध्यम से बड़े मंचों तक पहुंचाने के प्रयास लगातार जारी हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कौशल विकास एवं सेवायोजन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने भी दोनों युवाओं को उनकी उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि विश्व के प्रतिष्ठित कौशल मंच पर उत्तराखंड के युवाओं का भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक जीतना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।
सानिया जोशी और पार्थ वोहरा की यह उपलब्धि उत्तराखंड के उन युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक है, जो पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ कौशल, तकनीक और व्यावसायिक दक्षता के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं।
