देहरादून। उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से देहरादून पहुंचे ग्राम प्रधानों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर गुरुवार को जोरदार प्रदर्शन किया। परेड ग्राउंड से सचिवालय कूच के दौरान सुभाष रोड पर पुलिस और प्रदर्शनकारी ग्राम प्रधानों के बीच जमकर धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक हुई।
ग्राम प्रधानों को सचिवालय की ओर बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने सुभाष रोड पर बैरिकेडिंग की थी। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग के सामने नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और ग्राम प्रधानों के बीच काफी देर तक तनातनी बनी रही। बाद में प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स को तोड़कर आगे बढ़ गए।
10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन
ग्राम प्रधानों का कहना है कि पंचायतों को मजबूत बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को गति देने के लिए उनकी मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने ग्राम प्रधानों के लिए ₹20,000 मासिक मानदेय लागू करने की मांग प्रमुखता से उठाई।
इसके साथ ही प्रधानों ने अलग से ‘प्रधान निधि’ गठित करने, पंचायतों को ₹10 लाख तक के विकास कार्य कराने का अधिकार देने और पंचायती राज के सभी 29 विषय सीधे पंचायतों को सौंपने की मांग की।
प्रदर्शनकारी प्रधानों ने कहा कि ग्रामीण विकास की योजनाओं को प्रभावी ढंग से जमीन पर उतारने के लिए पंचायतों को पर्याप्त अधिकार और संसाधन दिए जाना जरूरी है।
सचिवालय कूच के दौरान हुए हंगामे के चलते कुछ समय के लिए सुभाष रोड पर माहौल तनावपूर्ण रहा। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
