2027 से पहले नए सियासी समीकरणों की चर्चा तेज, चौहान परिवार के नाम की भी चर्चा
देहरादून/चकराता। उत्तराखंड की चकराता विधानसभा सीट पर 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा नेता रामशरण नौटियाल के पार्टी से अलग होने की खबरों के बाद क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, नौटियाल की ओर से उनके इस्तीफे की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर स्थिति फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
रामशरण नौटियाल के कांग्रेस में जाने की चर्चाएं भी राजनीतिक गलियारों में पहले से होती रही हैं, लेकिन कांग्रेस में शामिल होने को लेकर भी अभी कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है। ऐसे में फिलहाल उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं।
2022 में भाजपा ने नौटियाल को बनाया था प्रत्याशी
2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने रामशरण नौटियाल को चकराता से मैदान में उतारा था। उनका मुकाबला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह से हुआ। चुनाव परिणाम में प्रीतम सिंह को 36,853 वोट मिले, जबकि रामशरण नौटियाल को 27,417 वोट प्राप्त हुए। प्रीतम सिंह ने 9,436 मतों के अंतर से चुनाव जीता था।
इसके बाद से चकराता में भाजपा के सामने एक बार फिर ऐसा स्थानीय चेहरा तलाशने की चुनौती बनी हुई है, जो कांग्रेस के मजबूत गढ़ में प्रभावी मुकाबला खड़ा कर सके।
चौहान परिवार के नाम की भी चर्चा
नौटियाल से जुड़े घटनाक्रम के बीच भाजपा की संभावित रणनीति को लेकर मधु चौहान के नाम की भी चर्चा शुरू हो गई है। मधु चौहान 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर चकराता से चुनाव लड़ चुकी हैं और उस चुनाव में प्रीतम सिंह को कड़ी टक्कर दी थी।
2017 में प्रीतम सिंह को 34,968 वोट मिले थे, जबकि मधु चौहान को 33,425 वोट प्राप्त हुए थे। दोनों के बीच जीत का अंतर महज 1,543 वोट रहा था।
हालांकि 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने अभी चकराता से किसी प्रत्याशी के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। इसलिए मधु चौहान के नाम को फिलहाल संभावित दावेदारी और राजनीतिक चर्चा के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
प्रीतम सिंह का लगातार जीत का रिकॉर्ड
चकराता विधानसभा क्षेत्र में प्रीतम सिंह का चुनावी रिकॉर्ड लंबे समय से चर्चा में रहा है। उपलब्ध चुनाव परिणामों के अनुसार 2002 से 2022 तक हुए पांच विधानसभा चुनावों में प्रीतम सिंह लगातार विजयी रहे हैं। 2002, 2007, 2012, 2017 और 2022 में उन्होंने चकराता सीट पर जीत दर्ज की।
2017 में जहां मुकाबला बेहद करीबी रहा, वहीं 2022 में जीत का अंतर बढ़कर 9,436 वोट हो गया।
प्रीतम सिंह और चौहान परिवार की पुरानी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता
चकराता की राजनीति में प्रीतम सिंह और चौहान परिवार के बीच चुनावी मुकाबले का लंबा इतिहास रहा है। मुन्ना सिंह चौहान और मधु चौहान अलग-अलग चुनावों में प्रीतम सिंह के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी रहे हैं। 2017 में मधु चौहान और 2022 में रामशरण नौटियाल ने भाजपा के टिकट पर प्रीतम सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ा था।
अब तीन सवाल सबसे अहम
रामशरण नौटियाल से जुड़ी इस्तीफे की खबरों के बीच चकराता की राजनीति में फिलहाल तीन सवाल चर्चा के केंद्र में हैं—
पहला— क्या रामशरण नौटियाल के भाजपा से इस्तीफे की आधिकारिक पुष्टि होगी?
दूसरा— नौटियाल का अगला राजनीतिक कदम क्या होगा?
तीसरा— 2027 में भाजपा चकराता से किस चेहरे को मैदान में उतारेगी?
इन सवालों के जवाब आने वाले समय में सामने आएंगे। फिलहाल नौटियाल से जुड़ी खबर ने चकराता की 2027 की चुनावी तैयारियों और संभावित राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाओं को जरूर तेज कर दिया है।
