25 बिंदु कार्यक्रम की समीक्षा में मुख्य सचिव के सख्त निर्देश

योजनाओं की प्रगति के साथ आमजन को मिल रहे वास्तविक लाभ का भी होगा आकलन

देहरादून, 30 सितंबर। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में 25 बिंदु कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं की समीक्षा केवल आंकड़ों और कार्यों की प्रगति तक सीमित न रहे, बल्कि यह भी देखा जाए कि योजनाओं का धरातल पर कितना असर हुआ और आमजन को वास्तविक रूप से कितना लाभ मिल रहा है।

पिरूल कलेक्शन से आय बढ़ने का होगा आकलन

मुख्य सचिव ने पिरूल कलेक्शन योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि अब तक पिरूल के मॉनेटाइजेशन से कितने लाभार्थियों को लाभ मिला और उनकी आय में कितना इजाफा हुआ, इसका पूरा आंकड़ा तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना की सफलता केवल किए गए कार्यों की संख्या से नहीं, बल्कि उससे लोगों को मिलने वाले वास्तविक लाभ से तय होनी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन और कचरे के सेग्रिगेशन की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए। कचरे के संग्रहण से लेकर उसके पृथक्करण और निस्तारण तक पूरी व्यवस्था की नियमित निगरानी करने को कहा गया।

प्रदेश के सभी STP की होगी रियल टाइम मॉनिटरिंग

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों और सचिव पेयजल को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से संबंधित कार्यों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्थापित एसटीपी की क्षमता का पूरा उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने प्रदेश के सभी एसटीपी की रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए प्रभावी एवं केंद्रीयकृत मैकेनिज्म तैयार करने के निर्देश दिए। इसके माध्यम से एसटीपी के संचालन और निर्धारित पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन पर लगातार नजर रखी जा सकेगी।

कमर्शियल संस्थानों और ग्रुप हाउसिंग में STP की जांच

मुख्य सचिव ने उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को बड़े कमर्शियल संस्थानों और ग्रुप हाउसिंग में स्वयं के एसटीपी की व्यवस्था को गंभीरता से लागू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित नियमों का पालन सुनिश्चित करने और निर्धारित मानकों की नियमित जांच करने को कहा।

अतिक्रमण हटाने के बाद दोबारा न हो कब्जा

बैठक में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि केवल अतिक्रमण हटाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जिन स्थानों से अतिक्रमण हटाया गया है, वहां दोबारा अतिक्रमण न हो, इसके लिए जिलास्तर पर नियमित निगरानी की ठोस व्यवस्था होनी चाहिए।

पार्किंग योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश

जनपदों में पार्किंग विकसित करने से संबंधित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने लंबित योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं की पहचान कर उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने को कहा।

हर माह जिलों में होगी 25 बिंदु कार्यक्रम की समीक्षा

मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जिलों में 25 बिंदु कार्यक्रम की मासिक समीक्षा सुनिश्चित करें। समीक्षा के दौरान केवल आंकड़ों की प्रगति देखने के बजाय योजनाओं की जमीनी स्थिति, लाभार्थियों को मिल रहे लाभ और सामने आ रही समस्याओं को भी प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन बिंदुओं पर अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है, वहां इसके कारणों की पहचान की जाए और समयबद्ध सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत, धीराज सिंह गर्ब्याल, अपर सचिव रीना जोशी, मनुज गोयल, रोहित मीणा, नवनीत पाण्डेय सहित संबंधित विभागों के सचिव, अपर सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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