देहरादून। उत्तराखंड हाईकोर्ट को नैनीताल से देहरादून स्थानांतरित करने या राजधानी में सर्किट बेंच स्थापित करने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। देहरादून बार एसोसिएशन ने इस संबंध में हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को विस्तृत प्रतिवेदन भेजकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुकरेती ने बताया कि 15 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट शिफ्टिंग से जुड़ी एसएलपी पर फैसला देते हुए इस विषय को प्रशासनिक स्तर पर राज्य सरकार और हाईकोर्ट के बीच विचार के लिए छोड़ दिया है। इसी के बाद बार एसोसिएशन ने मुख्य न्यायाधीश से हस्तक्षेप की अपील की है।
प्रतिवेदन में कहा गया है कि नैनीताल में सीमित भूमि, पुराने न्यायालय भवन, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट की अनुपलब्धता, पर्यटन सीजन में महंगे होटल तथा स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण वादकारियों और अधिवक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं हल्द्वानी में प्रस्तावित नए परिसर के लिए वन भूमि से जुड़े विवाद के चलते निर्माण में लंबा समय लग सकता है।
बार एसोसिएशन का कहना है कि देहरादून में आधुनिक न्यायालय परिसर, पर्याप्त भूमि, बेहतर सड़क, रेल और हवाई संपर्क, सचिवालय सहित प्रमुख सरकारी कार्यालय तथा उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं पहले से उपलब्ध हैं। ऐसे में हाईकोर्ट या उसकी सर्किट बेंच देहरादून में स्थापित करना अधिक व्यावहारिक होगा।
एसोसिएशन ने मुख्य न्यायाधीश से आग्रह किया है कि यदि फिलहाल हाईकोर्ट का पूर्ण स्थानांतरण संभव नहीं है, तो कर्नाटक हाईकोर्ट की तर्ज पर देहरादून में सर्किट बेंच स्थापित की जाए, ताकि आम नागरिकों को सुलभ, सस्ता और समयबद्ध न्याय मिल सके।




