देहरादून, 20 जुलाई। चकराता विधायक प्रीतम सिंह के नेतृत्व में आज जौनसार-बावर क्षेत्र के ग्राम बृनाड/रायगी, तहसील त्यूनी के ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद वर्धन से मिला। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने त्यूनी-प्लासू 72 मेगावाट जलविद्युत परियोजना के लिए अधिग्रहित की जा रही भूमि के उचित मुआवजे को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने के बाद से निगम और प्रशासन की कई बैठकों में स्थानीय लोगों ने भाग लिया। इन बैठकों में ग्रामीणों ने लगातार यह मांग उठाई कि उन्हें उनकी भूमि का स्थानीय बाजार भाव के अनुसार उचित प्रतिकर दिया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि जौनसार-बावर अनुसूचित जनजाति क्षेत्र होने के कारण यहां भूमि की खरीद-फरोख्त सामान्य क्षेत्रों की तरह नहीं होती। इसी वजह से सरकारी सर्किल रेट वास्तविक बाजार मूल्य की तुलना में काफी कम हैं। ऐसे में यदि मुआवजा केवल सरकारी दरों पर दिया जाता है तो प्रभावित परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव से मांग की कि परियोजना से प्रभावित सभी किसानों और ग्रामीणों को उनकी भूमि का मुआवजा वर्तमान स्थानीय बाजार मूल्य के आधार पर दिया जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और विकास कार्यों के साथ-साथ लोगों के हित भी सुरक्षित रह सकें।
इस संबंध में विधायक प्रीतम सिंह ने भी मुख्य सचिव से अनुरोध किया कि जनजातीय क्षेत्र की विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों की मांग पर सकारात्मक निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं का उद्देश्य जनता के हितों की रक्षा करना होना चाहिए और प्रभावित लोगों को उचित प्रतिकर मिलना आवश्यक है।
मुख्य सचिव को सौंपे गए पत्र में विधायक प्रीतम सिंह ने ग्रामवासियों के संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त प्रार्थना पत्र का हवाला देते हुए अनुरोध किया कि ग्रामीणों की मांग के अनुरूप स्थानीय बाजार भाव पर भूमि प्रतिकर दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और परियोजना प्रभावित परिवारों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करेगी।




