देहरादून | दून वैली टाइम्स
देशभर में पेपर लीक के मामलों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच उत्तराखंड से भी एक बड़ा मामला सामने आया है। वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (UKTU) ने सत्र 2025-26 की सम सेमेस्टर परीक्षाओं के दौरान प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि के बाद दो विषयों की परीक्षाएं तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं। विश्वविद्यालय के इस फैसले से छात्रों और तकनीकी शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है।

विश्वविद्यालय की उच्च स्तरीय जांच समिति और संबंधित संस्थान की आंतरिक जांच में पेपर की गोपनीयता भंग होने की पुष्टि होने के बाद Machine Learning for Internet of Things (IOTT004) और Electromagnetic Field Theory (ECT043) विषयों की परीक्षाएं निरस्त कर दी गई हैं। दोनों विषयों की पुनर्परीक्षा अगस्त 2026 के तीसरे सप्ताह में आयोजित की जाएगी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ प्रश्नपत्र
22 जुलाई को जारी विश्वविद्यालय की आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, Machine Learning for Internet of Things (IOTT004) विषय का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। शिकायत मिलने के बाद विश्वविद्यालय ने तत्काल जांच समिति गठित की। जांच में पाया गया कि परीक्षा की गोपनीयता का गंभीर उल्लंघन हुआ है।
जांच में सहायक प्रोफेसर की भूमिका सामने आई
जांच रिपोर्ट के अनुसार, आशीष कुमार गुप्ता, सहायक प्रोफेसर, शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, देहरादून, जो इस विषय के External Paper Setter थे, उन्होंने परीक्षा से पहले छात्रों के आंतरिक पोर्टल और व्हाट्सएप पर परीक्षा से संबंधित समान प्रश्न साझा किए थे।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि Electromagnetic Field Theory (ECT043) विषय का प्रश्नपत्र भी उसी शिक्षक द्वारा तैयार किया गया था। विश्वविद्यालय ने माना कि इस विषय की गोपनीयता भी भंग होने की पूरी आशंका है। छात्रहित और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली को ध्यान में रखते हुए दोनों परीक्षाएं रद्द करने का निर्णय लिया गया।
7 वर्षों तक लगाया प्रतिबंध
विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को बेहद गंभीर मानते हुए संबंधित बाह्य प्रश्नपत्र निर्माता पर अगले सात वर्षों तक विश्वविद्यालय की सभी परीक्षा गतिविधियों में भाग लेने पर प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही संबंधित संस्थान को परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
अगस्त के तीसरे सप्ताह में होगी पुनर्परीक्षा
UKTU ने बताया कि दोनों विषयों की री-एग्जाम अगस्त 2026 के तीसरे सप्ताह में आयोजित होगी। विस्तृत परीक्षा कार्यक्रम और परीक्षा केंद्रों की सूची जल्द ही विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी।
तकनीकी शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने उत्तराखंड की तकनीकी शिक्षा व्यवस्था में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विश्वविद्यालय ने छात्रों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें और किसी भी भ्रामक जानकारी से बचें।
विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता, पारदर्शिता और छात्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कुलपति द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग कर दोनों विषयों की परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया गया है।




