विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत राजपुर रोड और मसूरी विधानसभा क्षेत्रों के सुनवाई शिविरों का किया औचक निरीक्षण, बीएलओ को अनावश्यक दस्तावेज न मांगने के दिए निर्देश
देहरादून, 07 अगस्त | दून वैली टाइम्स
भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखण्ड के निर्देशों के तहत चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान गढ़वाल आयुक्त एवं रोल ऑब्जर्वर आनंद स्वरूप ने शुक्रवार को देहरादून जनपद की राजपुर रोड (अ.जा.) और मसूरी विधानसभा क्षेत्रों में विभिन्न मतदेय स्थलों एवं मतदाता सुनवाई शिविरों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मतदाताओं को जारी नोटिसों के निस्तारण और सुनवाई प्रक्रिया का गहन परीक्षण करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी पात्र मतदाता को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए तथा निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए।

निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी एनपी देवली सहित संबंधित निर्वाचन अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। गढ़वाल आयुक्त ने विधानसभा क्षेत्र राजपुर रोड (अ.जा.) के मतदेय स्थल संख्या-84, डीएवी इंटर कॉलेज करनपुर, मतदेय स्थल संख्या-109, सेंट थॉमस कॉलेज क्रॉस रोड तथा मसूरी विधानसभा के अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेज, डोभालवाला स्थित दो मतदेय स्थलों पर चल रही सुनवाई प्रक्रिया का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने सुनवाई के लिए पहुंचे मतदाताओं से सीधे बातचीत कर जानकारी ली कि बीएलओ द्वारा उनसे कौन-कौन से दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। बीएलओ ने बताया कि अनमैप्ड वोटर्स श्रेणी के मतदाताओं से वर्ष 2003 की निर्वाचक नामावली से संबंधित विवरण उपलब्ध कराने का अनुरोध किया जा रहा है। यदि यह विवरण उपलब्ध नहीं है तो निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 11 मान्य दस्तावेजों में से किसी एक दस्तावेज के आधार पर सुनवाई की जा रही है।

वहीं एनोमली (विसंगति) श्रेणी के मामलों में, जहां मतदाता के नाम अथवा संबंधी के नाम में मामूली त्रुटि है, वहां भी आयोग द्वारा मान्य किसी एक दस्तावेज के आधार पर सुनवाई की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
गढ़वाल आयुक्त ने सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (AERO) को निर्देशित किया कि प्रत्येक सुनवाई कक्ष में निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य सभी दस्तावेजों की सूची प्रमुखता से प्रदर्शित की जाए, ताकि मतदाताओं को आवश्यक जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

उन्होंने सभी सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, बीएलओ सुपरवाइजरों और बीएलओ को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेजों के अतिरिक्त किसी भी प्रकार के अनावश्यक दस्तावेज की मांग नहीं की जाएगी। प्रत्येक प्रकरण की सुनवाई समयबद्ध, पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरी की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी मतदाता के साथ अनावश्यक देरी या असुविधा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
आयुक्त ने एईआरओ द्वारा की जा रही सुनवाई प्रक्रिया और ईआरओ नेट पर अपलोड की जा रही रिपोर्ट की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जैसे-जैसे नोटिसों की सुनवाई पूरी होती जाए, उसकी प्रविष्टि तत्काल बीएलओ एप और ईआरओ नेट पर दर्ज की जाए, ताकि अभियान की वास्तविक प्रगति का अद्यतन रिकॉर्ड उपलब्ध रहे और विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान पूरी पारदर्शिता एवं प्रभावशीलता के साथ संचालित हो सके।
गढ़वाल आयुक्त ने कहा कि निर्वाचन आयोग का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना तथा त्रुटिरहित एवं पारदर्शी मतदाता सूची तैयार करना है। इसके लिए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा।
