75 करोड़ की जिला योजना पर विधायक संजय डोभाल ने सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा

जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों की अनदेखी का आरोप, संशोधन नहीं हुआ तो डीएम कार्यालय घेरेंगे

प्रभारी मंत्री के आवास के घेराव की भी चेतावनी; करीब 75 करोड़ की जिला योजना में प्रस्तावों को लेकर उठाए गंभीर सवाल

दून वैली टाइम्स | उत्तरकाशी

जिला योजना 2026 के प्रस्तावों को लेकर यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल ने सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विधायक ने जिला योजना में जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए जनहित के प्रस्तावों की कथित अनदेखी और योजनाओं के चयन की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रशासन को निर्धारित समय में जिला योजना में जनभावनाओं के अनुरूप संशोधन करने का अल्टीमेटम देते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।

विधायक का कहना है कि जिला योजना के तहत प्रभारी मंत्री एवं जिलाधिकारी उत्तरकाशी की मौजूदगी में करीब 75 करोड़ रुपये की धनराशि विभिन्न विकास योजनाओं के लिए आवंटित की गई है। पूर्व में जिला योजना में जिले के विधायकों, जिला पंचायत अध्यक्ष, प्रभारी मंत्री, जिलाधिकारी और अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए जनहित के प्रस्तावों के आधार पर योजनाओं को प्राथमिकता दी जाती रही है। लेकिन इस बार प्रस्तावों को सूची में शामिल किए जाने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

यमुनोत्री के प्रस्तावों की अनदेखी का आरोप

विधायक संजय डोभाल ने आरोप लगाया कि यमुनोत्री विधानसभा क्षेत्र से विकास योजनाओं के प्रस्ताव मांगे गए थे। उनके द्वारा भेजे गए प्रस्तावों में से कुछ चुनिंदा योजनाओं को ही जिला योजना की सूची में स्थान दिया गया, जबकि बड़ी संख्या में विकास योजनाओं को दरकिनार कर दिया गया।

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि प्रस्तावों में कोई कमी, बजट संबंधी समस्या अथवा अन्य आपत्ति थी तो इसकी जानकारी संबंधित जनप्रतिनिधियों को पहले क्यों नहीं दी गई। विधायक ने प्रभारी मंत्री से यह भी सवाल किया कि यमुनोत्री क्षेत्र के प्रस्ताव किस आधार पर जिला योजना से बाहर किए गए और स्वीकृत योजनाओं को किस स्तर की संस्तुति के बाद अंतिम रूप दिया गया।

“यह सिर्फ एक विधायक का नहीं, पूरी व्यवस्था का सवाल”

विधायक ने कहा कि यदि सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव भी बड़ी संख्या में दरकिनार किए गए हैं तो मामला किसी एक दल या विधायक तक सीमित नहीं है। यह जिला योजना की पूरी कार्यप्रणाली और प्रस्तावों के चयन की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है।

उन्होंने कहा कि जनता के पैसे से संचालित जिला योजना में योजनाओं का चयन पारदर्शी तरीके से होना चाहिए और प्रत्येक जनप्रतिनिधि द्वारा दिए गए जनहित के प्रस्तावों पर उचित विचार किया जाना चाहिए।

पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक करने की मांग

संजय डोभाल ने सरकार और जिला प्रशासन से जिला योजना की पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष समीक्षा कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जनता के सामने यह स्पष्ट होना चाहिए कि कौन-सा प्रस्ताव किस जनप्रतिनिधि ने दिया, उसकी संस्तुति किस स्तर से हुई और उसे किस आधार पर स्वीकृति प्रदान की गई।

विधायक ने कथित तौर पर विकास कार्यों को स्वीकृति दिलाने के नाम पर ग्रामीणों से धनराशि एकत्र किए जाने की शिकायतों का भी उल्लेख किया और पूरे मामले की जांच की मांग उठाई।

संशोधन नहीं हुआ तो सड़क पर उतरेंगे

विधायक संजय डोभाल ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में जिला योजना 2026 में जनहित और क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप संशोधन नहीं किया गया तो वह जनता और कार्यकर्ताओं के साथ आंदोलन करेंगे।

उन्होंने कहा कि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी समाधान नहीं निकला तो प्रभारी मंत्री के आवास का घेराव कर बड़े आंदोलन की रणनीति अपनाई जाएगी।

विधायक ने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि जनता के अधिकार, क्षेत्र के विकास, पारदर्शिता और लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों के सम्मान के लिए है।

करीब ₹75 करोड़ की जिला योजना पर सवाल

  • जिला योजना 2026 में करीब 75 करोड़ रुपये के प्रावधान का उल्लेख
  • यमुनोत्री विधायक ने कई प्रस्तावों की अनदेखी का लगाया आरोप
  • योजनाओं के चयन की प्रक्रिया सार्वजनिक करने की मांग
  • प्रस्तावों की संस्तुति और स्वीकृति का आधार बताने की मांग
  • कथित धनराशि वसूली की शिकायतों की जांच की मांग
  • संशोधन नहीं हुआ तो डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन
  • आगे प्रभारी मंत्री के आवास के घेराव की चेतावनी

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