जागेश्वर में राजनीतिक समीकरण बदलने के संकेत
अल्मोड़ा। उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच अल्मोड़ा जिले की जागेश्वर विधानसभा सीट से कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक झटका सामने आया है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं पांच बार विधायक रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता गोविंद सिंह कुंजवाल के भतीजे दिनेश सिंह कुंजवाल ने कांग्रेस का साथ छोड़कर उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) की सदस्यता ग्रहण कर ली है।

अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर जैंती में आयोजित कार्यक्रम में दिनेश सिंह कुंजवाल ने बड़ी संख्या में समर्थकों और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में उक्रांद का दामन थामा। उनके इस कदम को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले जागेश्वर क्षेत्र की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
कांग्रेस में प्रदेश प्रवक्ता की जिम्मेदारी भी संभाली
दिनेश सिंह कुंजवाल वर्तमान में कांग्रेस में किसी संगठनात्मक पद पर नहीं थे, लेकिन इससे पहले वह पार्टी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। वर्ष 2002 से 2007 तक उन्होंने कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता के रूप में कार्य किया। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान उन्हें दर्जा मंत्री की जिम्मेदारी भी मिली थी।
लंबे समय तक कांग्रेस की राजनीति से जुड़े रहे दिनेश कुंजवाल का अब क्षेत्रीय दल उक्रांद में शामिल होना राजनीतिक रूप से चर्चा का विषय बन गया है।
बोले—उत्तराखंड के मूल मुद्दों को मजबूत मंच की जरूरत
उक्रांद की सदस्यता ग्रहण करने के बाद दिनेश सिंह कुंजवाल ने उत्तराखंड के मौजूदा हालात और पहाड़ से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि राज्य आज रोजगार, पलायन और मूलभूत सुविधाओं जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के प्राकृतिक एवं स्थानीय संसाधनों का अपेक्षित लाभ यहां के लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। पहाड़ के लोगों की समस्याओं और आकांक्षाओं को मजबूती से उठाने के लिए क्षेत्रीय सोच को मजबूत करना आवश्यक है।
दिनेश कुंजवाल ने गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी बनाए जाने की मांग का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलन की भावना और उत्तराखंड के मूल उद्देश्यों को आगे बढ़ाना समय की आवश्यकता है।
गोविंद सिंह कुंजवाल पर लगाए गंभीर आरोप
कार्यक्रम के दौरान दिनेश सिंह कुंजवाल ने अपने चाचा और वरिष्ठ कांग्रेस नेता गोविंद सिंह कुंजवाल को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने विधायक निधि के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया।
हालांकि, इन आरोपों को लेकर संबंधित पक्ष की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
उक्रांद के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
जैंती में आयोजित सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम में उक्रांद के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में डॉ. नारायण सिंह जंतवाल, पुष्पेश त्रिपाठी, आशुतोष नेगी, चंद्रशेखर कापड़ी, कुंदन बिष्ट, बहादुर सिंह रावत, गिरीश नाथ गोस्वामी, जिलाध्यक्ष दिनेश जोशी, पान सिंह लटवाल, रघुवीर भाकुनी और दीपा जोशी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
दिनेश सिंह कुंजवाल के उक्रांद में शामिल होने के दौरान समर्थकों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को राजनीतिक रूप से खास बना दिया।
2027 से पहले जागेश्वर में बदलेंगे राजनीतिक समीकरण?
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सभी राजनीतिक दल अपनी तैयारियों में जुटे हैं। ऐसे समय में जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस से जुड़े एक प्रमुख राजनीतिक परिवार से आने वाले दिनेश सिंह कुंजवाल का उक्रांद में जाना क्षेत्रीय राजनीति में नए समीकरणों की संभावना को जन्म देता है।
जागेश्वर लंबे समय से कांग्रेस की राजनीति का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है और गोविंद सिंह कुंजवाल का इस क्षेत्र की राजनीति में प्रभाव रहा है। ऐसे में दिनेश सिंह कुंजवाल के अलग राजनीतिक मंच चुनने से आगामी चुनाव में इसका कितना असर पड़ेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
फिलहाल दिनेश कुंजवाल के उक्रांद में शामिल होने के बाद जागेश्वर की सियासत में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर इस घटनाक्रम पर राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है।
