आयुक्त आनंद स्वरूप ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी सिटी को दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश, समाधान दिवस में 145 से अधिक फरियादियों की सुनी गई शिकायतें
देहरादून। उम्र के उस पड़ाव पर जब बुजुर्गों को अपने परिवार के बीच सम्मान, सुकून और सुरक्षा की जरूरत होती है, उसी उम्र में 68 वर्षीय प्रेम सिंह बिष्ट को अपने ही घर को बचाने के लिए अधिकारियों के दरबार में गुहार लगानी पड़ी। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समाधान दिवस में पहुंचे प्रेम सिंह बिष्ट ने गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप के सामने अपनी पीड़ा सुनाते हुए आरोप लगाया कि उनका दामाद मकान पर कब्जा करने की नीयत से उनके साथ मारपीट और धमकी दे रहा है। बुजुर्ग ने आशंका जताई कि उन्हें उनके ही घर से बेघर करने का प्रयास किया जा रहा है।
बुजुर्ग की शिकायत सुनने के बाद आयुक्त आनंद स्वरूप ने मामले को गंभीर और संवेदनशील मानते हुए एसपी सिटी को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि बुजुर्गों और कमजोर वर्ग से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
समाधान दिवस में 145 से अधिक फरियादी पहुंचे
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समाधान दिवस में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से 145 से अधिक फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप ने एक-एक कर फरियादियों की शिकायतें सुनीं और अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कई शिकायतों का मौके पर निस्तारण कराया गया, जबकि अन्य मामलों में संबंधित विभागों को समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
समाधान दिवस में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, डीएफओ वैभव सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व केके मिश्रा, एडीएम प्रशासन स्मृता परमार, पुलिस अधीक्षक जगदीश पंत, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, सिटी मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी, एसडीएम सदर अपूर्वा सिंह और एसडीएम अपर्णा ढौडियाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
180 दिन से लंबित शिकायतों पर आयुक्त सख्त
समाधान दिवस के दौरान मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की भी समीक्षा की गई। समीक्षा में कुछ शिकायतें 180 दिनों से अधिक समय से लंबित पाए जाने पर आयुक्त आनंद स्वरूप ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबे समय से लंबित शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए।
आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि 180 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों का एक माह के भीतर अनिवार्य रूप से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। वहीं 36 दिनों से अधिक समय से लंबित मामलों को भी प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि फरियादी को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए।
बुजुर्ग फरियादियों के लिए कलेक्ट्रेट में होगी स्वास्थ्य जांच
समाधान दिवस में बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिकों के पहुंचने पर आयुक्त ने बुजुर्ग फरियादियों की सुविधा को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था करने के निर्देश दिए, ताकि अपनी शिकायत की सुनवाई के लिए प्रतीक्षा कर रहे बुजुर्गों को स्वास्थ्य जांच का लाभ मिल सके।
कालसी की सड़क से लेकर बरसाती पानी और मुआवजे तक की शिकायतें
समाधान दिवस में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से विकास और जनसमस्याओं से जुड़े कई मामले भी सामने आए। कालसी क्षेत्र में स्वीकृत सड़कों का निर्माण शुरू नहीं होने की शिकायत पर अधिकारियों से आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
वहीं बड़ासी ग्रांट में सौंग नदी की क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवार का मामला भी आयुक्त के समक्ष रखा गया। क्षेत्रवासियों ने सुरक्षा दीवार की मरम्मत और बरसात के दौरान संभावित नुकसान से बचाव के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की।
अजबपुर कलां में बरसाती पानी के घरों में घुसने, अतिक्रमण, भूमि संबंधी विवाद, लंबित मुआवजे तथा 20 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी से जुड़े मामले भी समाधान दिवस में पहुंचे। आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों की गंभीरता से जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
अतिक्रमण और भू-माफियाओं पर सख्ती के निर्देश
समाधान दिवस के समापन पर गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्थानीय स्तर पर निस्तारित होने वाली समस्याएं जिला मुख्यालय तक पहुंचने की नौबत नहीं आनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से शिकायतों की नियमित समीक्षा करते हुए समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
आयुक्त ने विशेष रूप से अवैध अतिक्रमण, भूमि पर अवैध कब्जे और भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम लोगों की जमीन और संपत्ति से जुड़े मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शिकायत मिलने पर नियमानुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
समाधान दिवस में सामने आया 68 वर्षीय प्रेम सिंह बिष्ट का मामला यह भी बताता है कि वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और उनके अधिकारों से जुड़े मामलों में प्रशासन और पुलिस की त्वरित भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है। अब बुजुर्ग की शिकायत पर पुलिस की कार्रवाई और मामले की आगे की जांच पर नजर रहेगी।
