वंशी नारायण मंदिर के रक्षाबंधन पर खुले कपाट, 12 हजार फीट की ऊंचाई पर उमड़ी श्रद्धालुओं की आस्था

चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले की उर्गम घाटी में स्थित प्रसिद्ध वंशी नारायण मंदिर के कपाट रक्षाबंधन पर्व पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। सुबह से ही भगवान नारायण के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगे।

करीब 12 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित इस पौराणिक मंदिर में रक्षाबंधन के दिन विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। परंपरा के अनुसार कलगोठ गांव के ग्रामीण दूध और मक्खन लेकर मंदिर पहुंचते हैं। दूध से भगवान नारायण का अभिषेक किया जाता है, जबकि मक्खन का भोग लगाया जाता है।

देवर्षि नारद से जुड़ी है मान्यता

पौराणिक मान्यता है कि वर्षभर देवर्षि नारद भगवान नारायण की पूजा-अर्चना करते हैं और रक्षाबंधन के दिन मंदिर के कपाट खुलने पर श्रद्धालुओं को भगवान के दर्शन का अवसर मिलता है।

भगवान विष्णु और राजा बलि से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं के कारण वंशी नारायण मंदिर का विशेष आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में स्थित यह मंदिर अपनी प्राकृतिक सुंदरता और पौराणिक परंपराओं के चलते श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।

रक्षाबंधन के अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ श्रद्धालुओं ने भगवान नारायण से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।

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