बड़ोवाला में जमीन धोखाधड़ी का बड़ा मामला, मृतक की जगह खड़ा किया फर्जी व्यक्ति

मृत खातेदार की जमीन बेचने के लिए रची गई कथित साजिश, फर्जी पहचान और कूटरचित दस्तावेजों से कराया गया सौदा; मुख्य आरोपी आशीष राठौर नैनीताल से गिरफ्तार, अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच में जुटी पुलिस।

देहरादून। राजधानी देहरादून में जमीनों की खरीद-फरोख्त के नाम पर धोखाधड़ी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला सेलाकुई थाना क्षेत्र के अंतर्गत मौजा बड़ोवाला का है, जहां एक मृत व्यक्ति को कागजों में जीवित दिखाकर उसकी जमीन बेचने का कथित फर्जीवाड़ा सामने आया है। आरोप है कि जमीन के मूल खातेदार की मृत्यु के बाद उसकी जगह एक दूसरे व्यक्ति को खड़ा कर फर्जी पहचान और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर जमीन का सौदा कर दिया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए दून पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों में शामिल आशीष कुमार राठौर को नैनीताल से गिरफ्तार किया है। पुलिस अब इस कथित जमीन धोखाधड़ी में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

मृतक की जमीन बेचने के लिए खड़ा किया दूसरा व्यक्ति

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 21 अक्टूबर 2026 को मिलन विहार, जीएमएस रोड निवासी अपूर्व जोशी ने थाना सेलाकुई में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने विकासनगर तहसील के अंतर्गत मौजा बड़ोवाला, परगना पछवादून स्थित जमीन के संबंध में धोखाधड़ी किए जाने का आरोप लगाया।

शिकायत के मुताबिक, उक्त जमीन के मूल खातेदार निर्मल सिंह की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी। इसके बावजूद आरोपियों ने कथित तौर पर उनकी मृत्यु की जानकारी छिपाते हुए जमीन बेचने की योजना बनाई। आरोप है कि मृतक की जगह एक अन्य व्यक्ति को खड़ा किया गया और उसकी पहचान का इस्तेमाल कर जमीन की बिक्री से संबंधित प्रक्रिया पूरी कराई गई।

फर्जी दस्तावेज तैयार कर कराया गया जमीन का सौदा

आरोप है कि जमीन की खरीद-फरोख्त के दौरान पहचान से संबंधित तथ्यों में हेराफेरी की गई और कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए। इन दस्तावेजों के आधार पर जमीन का विक्रय कर धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया।

मामले में शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आशीष कुमार राठौर और उसके अन्य साथियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

नैनीताल से मुख्य आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने जांच और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी आशीष कुमार राठौर को नैनीताल से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता की आशंका है। उनकी भूमिका, दस्तावेजों की सत्यता और जमीन के सौदे से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है—

  • धारा 318(4) – धोखाधड़ी।
  • धारा 319(2) – प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी।
  • धारा 336(3) – कूटरचना।
  • धारा 338 – मूल्यवान प्रतिभूति आदि की कूटरचना।
  • धारा 340(2) – जाली दस्तावेज को असली के रूप में इस्तेमाल करना।
  • धारा 61(2) – आपराधिक षड्यंत्र।

जमीन खरीदने वालों के लिए भी चेतावनी

देहरादून में जमीनों की बढ़ती खरीद-फरोख्त के बीच इस तरह के मामले संपत्ति खरीदने वालों के लिए भी गंभीर चेतावनी हैं। जमीन खरीदने से पहले संबंधित खातेदार की पहचान, स्वामित्व अभिलेख, मृत्यु प्रमाण पत्र, राजस्व रिकॉर्ड और रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेजों की विधिवत जांच करना बेहद जरूरी है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद ही इस कथित फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क की वास्तविक भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

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