वर्षों से एस्टीमेट भेजने का दावा, लेकिन सड़क के गड्ढे भरने तक की जहमत नहीं उठा रहा विभाग!
बरसात के बाद से सड़क की सुध लेने नहीं पहुंचे जिम्मेदार अधिकारी; शिकायत मिलने पर एक दिन की सक्रियता दिखाकर फिर गायब होने का आरोप, बदहाल मार्ग से पर्यटक और स्थानीय लोग परेशान
चकराता (देहरादून)। उत्तराखंड को पर्यटन प्रदेश के रूप में विकसित करने के दावे लगातार किए जा रहे हैं। प्रदेश के खूबसूरत पर्वतीय पर्यटन स्थलों को देश-दुनिया के पर्यटकों से जोड़ने के लिए सुविधाओं के विस्तार की बात भी होती है, लेकिन धरातल पर कई बुनियादी समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई हैं। इसका एक उदाहरण चकराता का प्रसिद्ध टाइगरफॉल मार्ग है, जहां सड़क की बदहाल स्थिति पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए भी परेशानी का कारण बनी हुई है।
चकराता क्षेत्र का टाइगरफॉल उत्तराखंड के प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन आकर्षणों में शामिल है। यहां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक झरने की खूबसूरती और प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेने पहुंचते हैं। लेकिन इस पर्यटन स्थल तक पहुंचने वाली सड़क की स्थिति देखकर विभागीय व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे, उखड़ी बजरी, क्षतिग्रस्त सड़क और जमा पानी आवागमन को मुश्किल बना रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की हालत लंबे समय से खराब है, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया। बरसात के बाद स्थिति और बिगड़ने के बावजूद सड़क की मरम्मत को लेकर अपेक्षित सक्रियता दिखाई नहीं दी। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण इस मार्ग की सुध कब ली जाएगी?

वर्षों से एस्टीमेट भेजने का दावा, लेकिन मरम्मत का इंतजार बरकरार
टाइगरफॉल मार्ग की बदहाली को लेकर सबसे बड़ा सवाल लोक निर्माण विभाग (PWD) की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जब भी सड़क की मरम्मत को लेकर विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों से जानकारी मांगी जाती है, तो वर्षों से एक ही जवाब सुनने को मिलता है कि सड़क मरम्मत का एस्टीमेट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजा गया है।
अब सवाल यह है कि यदि वर्षों से एस्टीमेट भेजे जा रहे हैं, तो उनकी स्वीकृति और बजट की प्रक्रिया आगे क्यों नहीं बढ़ पाई? क्या किसी प्रमुख पर्यटन स्थल तक पहुंचने वाली सड़क के गड्ढे भरने के लिए भी वर्षों तक इंतजार करना पड़ेगा?
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थायी मरम्मत के लिए बजट और तकनीकी स्वीकृति की प्रक्रिया अपनी जगह है, लेकिन तब तक सड़क को आवागमन योग्य बनाए रखने के लिए आवश्यक अस्थायी मरम्मत तो की ही जा सकती है। छोटे-बड़े गड्ढों को भरने और क्षतिग्रस्त हिस्सों को दुरुस्त करने के लिए विभागीय स्तर पर तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए।
शिकायत के बाद ही दिखाई देती है विभागीय सक्रियता?
स्थानीय लोगों और पर्यटकों का आरोप है कि बरसात के बाद सड़क की स्थिति लगातार खराब होती गई, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर नियमित निरीक्षण करने की जरूरत नहीं समझी।
लोगों का कहना है कि जब कोई व्यक्ति सड़क की बदहाली को लेकर शिकायत करता है, तभी विभागीय कर्मचारी कुछ समय के लिए सक्रिय दिखाई देते हैं। मौके पर पहुंचकर स्थिति देखने के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाता और कुछ समय बाद हालात फिर पहले जैसे हो जाते हैं।
हालांकि इन आरोपों पर संबंधित विभाग का पक्ष सामने आना अभी बाकी है, लेकिन सड़क की मौजूदा स्थिति को देखते हुए नियमित निरीक्षण और रखरखाव की आवश्यकता साफ नजर आती है।
गड्ढों और जमा पानी से वाहन चालकों को परेशानी
सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढों और जमा पानी के कारण वाहन चालकों को काफी सावधानी बरतनी पड़ रही है। विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है। बारिश के दौरान सड़क की स्थिति और खराब होने की आशंका बनी रहती है।
पर्यटक परिवारों और छोटे बच्चों के साथ इस मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में सड़क की खराब हालत उनकी यात्रा को असुविधाजनक बनाने के साथ ही दुर्घटना की आशंका भी बढ़ा सकती है। पर्यटन स्थल तक पहुंचने के लिए बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराना संबंधित विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
टाइगरफॉल केवल पर्यटन स्थल नहीं, स्थानीय रोजगार का भी आधार
चकराता का टाइगरफॉल केवल एक प्राकृतिक पर्यटन स्थल नहीं है, बल्कि इससे क्षेत्र के अनेक परिवारों की आजीविका भी जुड़ी हुई है। यहां आने वाले पर्यटकों से होटल संचालकों, होमस्टे व्यवसायियों, टैक्सी चालकों, स्थानीय दुकानदारों और अन्य छोटे कारोबारियों को रोजगार मिलता है।
यदि पर्यटकों को पर्यटन स्थल तक पहुंचने में ही परेशानियों का सामना करना पड़ेगा, तो इसका असर क्षेत्र की पर्यटन छवि पर भी पड़ सकता है। पर्यटक किसी भी स्थान पर दोबारा जाने से पहले वहां उपलब्ध सुविधाओं और आवागमन की स्थिति को भी ध्यान में रखते हैं।
ऐसे में टाइगरफॉल मार्ग की बदहाली को केवल सड़क की समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह क्षेत्र के पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।
पर्यटन विकास के दावों के बीच बुनियादी सुविधा क्यों नहीं?
एक ओर उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाओं और सुविधाओं की चर्चा होती है, वहीं दूसरी ओर पहले से स्थापित पर्यटन स्थलों तक पहुंचने वाले मार्गों की मरम्मत में देरी कई सवाल खड़े करती है।
यदि प्रमुख पर्यटन स्थलों की सड़कें ही बेहतर नहीं होंगी, तो पर्यटकों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव कैसे मिलेगा? पर्यटन विकास के लिए केवल प्रचार-प्रसार पर्याप्त नहीं है, बल्कि सड़क, पार्किंग, स्वच्छता, पेयजल और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का मजबूत होना भी जरूरी है।
लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से पांच बड़े सवाल
- टाइगरफॉल मार्ग की मरम्मत का एस्टीमेट वर्षों से भेजे जाने के बावजूद अब तक स्वीकृत क्यों नहीं हुआ?
- बरसात के बाद सड़क की बदहाल स्थिति का स्थलीय निरीक्षण कब और किस अधिकारी ने किया?
- स्थायी मरम्मत होने तक गड्ढे भरने और सड़क को सुरक्षित बनाने के लिए अस्थायी व्यवस्था क्यों नहीं की गई?
- पर्यटन सीजन में यहां आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा के लिए विभाग ने क्या कदम उठाए हैं?
- आखिर टाइगरफॉल मार्ग की स्थायी मरम्मत के लिए बजट और कार्य शुरू होने की समयसीमा क्या है?
स्थानीय लोगों की मांग—तत्काल निरीक्षण और स्थायी समाधान
स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने लोक निर्माण विभाग के उच्चाधिकारियों से मामले का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। लोगों का कहना है कि विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचकर सड़क की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करें और क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराएं।
इसके साथ ही वर्षों से लंबित बताए जा रहे एस्टीमेट की स्थिति स्पष्ट की जाए तथा बजट और स्वीकृति की प्रक्रिया को आगे बढ़ाकर स्थायी मरम्मत का काम शुरू कराया जाए।
अब देखना होगा, कब जागेगा जिम्मेदार विभाग?
टाइगरफॉल की प्राकृतिक खूबसूरती देखने के लिए पर्यटक दूर-दराज से चकराता पहुंचते हैं, लेकिन बदहाल सड़क उनकी यात्रा का अनुभव खराब कर सकती है। स्थानीय लोगों को भी प्रतिदिन इस मार्ग से गुजरने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
अब देखना यह होगा कि लोक निर्माण विभाग वर्षों से एस्टीमेट भेजे जाने के जवाब से आगे बढ़कर धरातल पर कब काम शुरू करता है। क्या विभाग किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है या फिर समय रहते सड़क की मरम्मत कर पर्यटकों और स्थानीय लोगों को राहत देगा?
दून वैली टाइम्स का जनहित में सवाल: चकराता के प्रमुख पर्यटन स्थल टाइगरफॉल तक पहुंचने वाली सड़क की बदहाली आखिर कब दूर होगी?
जनहित में प्रकाशित। संबंधित लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
