गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में हिंसक झड़प, कुलसचिव को जमीन पर गिराकर पीटने का आरोप

कुलपति प्रो. प्रतिभा मेहता लूथरा घायल कुलसचिव को लेकर खुद पहुंचीं कनखल कोतवाली, दोनों पक्षों का कराया जा रहा मेडिकल परीक्षण

हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में कर्मचारियों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच कई दिनों से चल रहा विवाद शनिवार को हिंसक झड़प में बदल गया। कुलपति कार्यालय के बाहर कुलसचिव सत्यदेव निगमालंकार के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। आरोप है कि कुछ लोगों ने उन्हें जमीन पर गिराकर जमकर पीटा। घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई और प्रशासन तथा कर्मचारी पक्ष के बीच तनाव बढ़ गया।

घटना के बाद विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. प्रतिभा मेहता लूथरा स्वयं घायल कुलसचिव को लेकर कनखल कोतवाली पहुंचीं। पुलिस की मौजूदगी में कुलसचिव का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। वहीं, कर्मचारी यूनियन से जुड़े लोग भी मेडिकल परीक्षण के लिए कोतवाली पहुंचे। दोनों पक्षों के लोगों की मौजूदगी के चलते मामला और संवेदनशील हो गया है।

कई दिनों से जारी था कर्मचारियों का आंदोलन

गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से आंदोलन चल रहा था। इस दौरान कर्मचारी और विश्वविद्यालय प्रशासन आमने-सामने थे। मांगों को लेकर दोनों पक्षों के बीच लगातार खींचतान बढ़ रही थी, जिससे विश्वविद्यालय परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ था।

बताया जा रहा है कि शुक्रवार रात कर्मचारियों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया था। हालांकि, आंदोलन खत्म होने के अगले ही दिन शनिवार को कुलसचिव के साथ मारपीट की घटना सामने आ गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कर्मचारियों से जुड़े विवाद के दौरान कुलसचिव के साथ मारपीट हुई।

घायल कुलसचिव को लेकर कोतवाली पहुंचीं कुलपति

मारपीट की घटना के बाद कुलपति प्रो. प्रतिभा मेहता लूथरा ने घायल कुलसचिव सत्यदेव निगमालंकार को अपने साथ लिया और कनखल कोतवाली पहुंचीं। यहां पुलिस को घटनाक्रम की जानकारी दी गई, जिसके बाद मेडिकल परीक्षण की प्रक्रिया शुरू कराई गई।

दूसरी ओर कर्मचारी यूनियन से जुड़े लोग भी कोतवाली पहुंचे और उन्होंने भी अपना मेडिकल परीक्षण कराया। ऐसे में अब दोनों पक्षों की ओर से सामने आने वाले तथ्यों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ने की संभावना है।

पुलिस जुटा रही घटनाक्रम की जानकारी

कर्मचारियों के आंदोलन और प्रशासन के बीच पहले से जारी विवाद के बीच कुलसचिव के साथ हुई मारपीट ने विश्वविद्यालय की स्थिति को और गंभीर बना दिया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है।

फिलहाल मारपीट में शामिल लोगों की पहचान और विवाद शुरू होने की तत्काल वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस संबंधित पक्षों के बयान दर्ज करने के साथ मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के समय वास्तव में क्या हुआ और मारपीट में कौन-कौन शामिल था। विश्वविद्यालय प्रशासन और कर्मचारी पक्ष के बीच पहले से जारी विवाद के हिंसक रूप लेने के बाद अब पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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