एवरेस्ट क्षेत्र के फेरीचे हेलीपैड पर लैंडिंग के दौरान दो हेलिकॉप्टरों के रोटर ब्लेड आपस में टकराए, राहत-बचाव अभियान जारी
दून वैली टाइम्स | देहरादून |नेपाल।
नेपाल के प्रसिद्ध एवरेस्ट क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक बड़ा हेलिकॉप्टर हादसा हो गया। सोलुखुम्बु जिले के फेरीचे हेलीपैड पर लैंडिंग के दौरान दो हेलिकॉप्टरों के बीच टक्कर हो गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में एक भारतीय पर्यटक की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। घायलों में न्यूजीलैंड का एक भारतीय मूल का नागरिक और दोनों हेलिकॉप्टरों के पायलट शामिल हैं। हादसे के बाद क्षेत्र में राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया।
लैंडिंग के दौरान आपस में टकराए दो हेलिकॉप्टर
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दुर्घटना मंगलवार सुबह करीब 8 बजकर 11 मिनट पर हुई। उस समय फिशटेल एयर और एयर डायनेस्टी के हेलिकॉप्टर फेरीचे हेलीपैड पर उतरने का प्रयास कर रहे थे।
बताया जा रहा है कि दोनों हेलिकॉप्टर अलग-अलग दिशाओं से हेलीपैड पर पहुंचे थे। इसी दौरान उनके रोटर ब्लेड आपस में टकरा गए, जिससे गंभीर दुर्घटना हो गई।
जानकारी के मुताबिक, एक हेलिकॉप्टर लुकला से आ रहा था, जबकि दूसरा एवरेस्ट बेस कैंप के नजदीक गोरक्षेप की ओर से लौट रहा था। शुरुआती जानकारी में हेलीपैड पर बर्फ जमा होने की बात भी सामने आई है। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
भारतीय पर्यटक की मौत, न्यूजीलैंड के नागरिक समेत तीन घायल
हादसे में फिशटेल एयर के हेलिकॉप्टर में सवार भारतीय पर्यटक वसंत कुमार बालारामारामाडु की मौत हो गई। उनके साथ यात्रा कर रहे न्यूजीलैंड के नागरिक शैलेश कृष्ण पटेल घायल हो गए। शैलेश भारतीय मूल के बताए जा रहे हैं।
घायल यात्री को प्रभु हेलिकॉप्टर की मदद से रेस्क्यू कर काठमांडू स्थित मेडिसिटी अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं, मृतक का शव लुकला स्थित अस्पताल ले जाया गया।
दुर्घटना में दोनों हेलिकॉप्टरों के पायलट भी घायल हुए हैं। घायलों की स्थिति को लेकर अभी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
एवरेस्ट क्षेत्र में महत्वपूर्ण है फेरीचे हेलीपैड
नेपाल के सोलुखुम्बु जिले में स्थित फेरीचे हेलीपैड एवरेस्ट क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। समुद्र तल से लगभग 4,371 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस हेलीपैड का इस्तेमाल पर्वतारोहियों, ट्रेकिंग करने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों की आवाजाही के लिए किया जाता है।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी, सांस लेने में परेशानी या किसी दुर्घटना की स्थिति में हेलिकॉप्टर के जरिए मरीजों और घायलों को सुरक्षित स्थानों तथा अस्पतालों तक पहुंचाया जाता है। ऐसे में फेरीचे हेलीपैड की भूमिका काफी अहम है।
नेपाल में हवाई दुर्घटनाओं का जोखिम
नेपाल का भौगोलिक स्वरूप हवाई सेवाओं के लिए चुनौतीपूर्ण माना जाता है। ऊंचे पहाड़, गहरी घाटियां, तेजी से बदलता मौसम और सीमित लैंडिंग क्षेत्र हवाई संचालन को जोखिमपूर्ण बना सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में हवाई दुर्घटनाओं के संभावित कारणों में खराब मौसम, कम दृश्यता, अधिक ऊंचाई पर हवा का कम घनत्व, तकनीकी खराबी और उड़ानों के बीच समन्वय की कमी शामिल हो सकती है।
फेरीचे में हुई इस दुर्घटना के बाद हेलिकॉप्टर संचालन की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
दुर्घटना की जांच जारी
फिलहाल फेरीचे हेलीपैड पर हुई इस टक्कर की जांच की जा रही है। संबंधित अधिकारी दुर्घटना के कारणों, हेलिकॉप्टरों की तकनीकी स्थिति और हादसे के समय मौजूद परिस्थितियों की जानकारी जुटा रहे हैं।
जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि दोनों हेलिकॉप्टरों के रोटर ब्लेड आपस में किस परिस्थिति में टकराए और दुर्घटना के पीछे मुख्य वजह क्या रही।
