उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय में बवाल: परिणाम की मांग पर पानी की टंकी पर चढ़े छात्र

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2019-22 बैच के BAMS छात्रों का उग्र प्रदर्शन, परीक्षा परिणाम और लंबित परीक्षाओं को लेकर फूटा गुस्सा

देहरादून, 29 जुलाई | दून वैली टाइम्स

उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय में बुधवार को परीक्षा परिणाम और लंबित परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आक्रोश खुलकर सामने आया। वर्ष 2019 से 2022 बैच के बीएएमएस (BAMS) छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रशासनिक भवन का घेराव किया। प्रदर्शन में राज्य के विभिन्न निजी आयुर्वेदिक कॉलेजों से बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए।

छात्रों का आरोप है कि पिछले करीब ढाई वर्षों से उनका परीक्षा परिणाम जारी नहीं किया गया है और आगे की परीक्षाएं भी आयोजित नहीं कराई जा रही हैं। इससे उनका पूरा शैक्षणिक भविष्य संकट में पड़ गया है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए।

अधिकारी नहीं मिले तो भड़का छात्रों का गुस्सा

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने परीक्षा नियंत्रक समेत अन्य जिम्मेदार अधिकारियों से मिलने का प्रयास किया, लेकिन जब कोई अधिकारी मौके पर नहीं मिला तो उनका आक्रोश और बढ़ गया। छात्रों ने प्रशासनिक भवन में हंगामा किया और कर्मचारियों को उनके कमरों से बाहर निकलने के लिए मजबूर कर दिया। कुछ समय तक परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

पानी की टंकी पर चढ़े छह छात्र, मचा हड़कंप

आंदोलन ने उस समय उग्र रूप ले लिया जब छह छात्र विश्वविद्यालय परिसर में स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए। इस घटना से पूरे परिसर में अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्रों ने मांगें पूरी होने तक नीचे उतरने से इनकार कर दिया।

नीचे मौजूद अन्य छात्र अपने साथियों के समर्थन में लगातार नारेबाजी करते रहे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने की कोशिश की, जिसके दौरान पुलिस और छात्रों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कुछ देर तक धक्का-मुक्की जैसी स्थिति भी बनी रही, हालांकि बाद में हालात पर काबू पा लिया गया।

‘ढाई साल से भविष्य अधर में, लाखों रुपये की फीस भी बेकार’

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि उन्होंने बीएएमएस की पढ़ाई पर लाखों रुपये खर्च किए हैं, लेकिन इसके बावजूद उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है। उनका आरोप है कि परीक्षा परिणाम लंबित होने के कारण वे न तो अगले शैक्षणिक चरण में प्रवेश ले पा रहे हैं और न ही इंटर्नशिप तथा अन्य आवश्यक शैक्षणिक प्रक्रियाएं पूरी कर पा रहे हैं।

छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन पहले भी कई बार समस्या के समाधान का आश्वासन दे चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि जब तक परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किए जाते और लंबित परीक्षाओं की तिथि तय नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने क्या कहा?

विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल ने बताया कि संबंधित निजी आयुर्वेदिक कॉलेजों ने इन छात्रों को NEET और विधिवत काउंसलिंग प्रक्रिया के बिना प्रवेश दिया था। इसी मामले को लेकर न्यायालय में वाद लंबित है।

उन्होंने कहा कि न्यायालय के अंतिम आदेश के बाद ही परीक्षा परिणाम जारी करने या आगे की परीक्षाएं आयोजित कराने के संबंध में निर्णय लिया जा सकेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप ही कार्रवाई करेगा और किसी भी प्रकार के दबाव में निर्णय लेना संभव नहीं है।

फिलहाल विश्वविद्यालय परिसर में स्थिति सामान्य है, लेकिन छात्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो उनका आंदोलन और तेज किया जाएगा।

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