दिव्यांगजनों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए देहरादून में Joint Mobile Court

मोबाइल कोर्ट में 32 प्रकरणों की हुई सुनवाई, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, UDID, रोजगार, शिक्षा, आरक्षण और सरकारी योजनाओं से जुड़े मामले पहुंचे

देहरादून, 25 सितंबर। दिव्यांगजनों की शिकायतों एवं समस्याओं के प्रभावी निराकरण तथा उन्हें उनके अधिकारों और विधिक संरक्षण तक सुगम पहुंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को देहरादून में Joint Mobile Court की कार्यवाही आयोजित की गई। यह कार्यवाही आयुक्त, दिव्यांगजन, भारत सरकार एवं आयुक्त, दिव्यांगजन, उत्तराखण्ड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुई।

कार्यक्रम का शुभारम्भ सचिव, समाज कल्याण, उत्तराखण्ड शासन डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी, IAS द्वारा किया गया। इस अवसर पर आयुक्त, दिव्यांगजन, भारत सरकार श्री एस. गोविन्दराज, उप आयुक्त दिव्यांगजन भारत सरकार श्री विकास त्रिवेदी, आयुक्त दिव्यांगजन उत्तराखण्ड श्री सुंदरलाल सेमवाल (PCS) सहित समाज कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी, दिव्यांगजन तथा उनके प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

32 प्रकरणों की हुई सुनवाई

Joint Mobile Court की कार्यवाही रेड फॉक्स होटल, राजपुर रोड, देहरादून में आयोजित की गई। इस दौरान दिव्यांगजनों से संबंधित 32 प्रकरणों की सुनवाई की गई। शिकायतकर्ताओं ने व्यक्तिगत रूप से तथा विभिन्न जनपदों से ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित होकर अपनी समस्याएं एवं पक्ष न्यायालय के समक्ष रखा।

UDID और दिव्यांगता प्रमाण-पत्र से जुड़े मामले भी शामिल

मोबाइल कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत मामलों में दिव्यांगजनों के अधिकारों, सरकारी सेवाओं तक पहुंच और विभिन्न विभागीय सुविधाओं से संबंधित शिकायतें शामिल रहीं। इनमें दिव्यांगता प्रमाण-पत्र एवं UDID कार्ड, प्रमाण-पत्र में आवश्यक संशोधन, दिव्यांगता की श्रेणी एवं प्रतिशत तथा UDID से संबंधित समस्याओं के प्रकरण प्रमुख रहे।

इसके अलावा सरकारी योजनाओं एवं विभिन्न लाभों की उपलब्धता, सहायक उपकरण प्राप्त करने तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं को लेकर भी शिकायतें प्रस्तुत की गईं।

शिक्षा, रोजगार और आरक्षण से जुड़े मामले

Joint Mobile Court में शिक्षा एवं रोजगार से जुड़े मामलों की भी सुनवाई हुई। दिव्यांग विद्यार्थियों की सुविधाओं, परीक्षा एवं प्रवेश से संबंधित समस्याओं, सरकारी सेवाओं में आरक्षण, पदोन्नति एवं सेवा संबंधी अधिकारों से जुड़े मामले सामने आए।

कुछ शिकायतों में कार्यस्थल पर कथित भेदभाव तथा दिव्यांगता के आधार पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराए जाने के विषय भी अधिकारियों के समक्ष रखे गए।

पुलिस, प्रशासन और परिवहन से जुड़े विषय भी पहुंचे

इसके अतिरिक्त पुलिस एवं प्रशासनिक स्तर पर शिकायतों के निस्तारण, कथित भेदभाव अथवा दुर्व्यवहार, परिवहन एवं आवागमन की सुविधाओं, स्थानीय निकायों से संबंधित विषय, आवास एवं बुनियादी सुविधाओं तथा रोजगार और स्वरोजगार से जुड़े प्रकरण भी Joint Mobile Court के समक्ष रखे गए।

अधिकारियों द्वारा संबंधित मामलों को सुना गया तथा उनके निस्तारण के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए।

कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगजनों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत प्रदान करना तथा उन्हें उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं और विधिक संरक्षण तक आसान पहुंच उपलब्ध कराना रहा।

— गीताराम नौटियाल
नोडल अधिकारी, दिव्यांगजन, समाज कल्याण विभाग

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