“विकास भी और विरासत भी” के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा उत्तराखंड: मुख्यमंत्री धामी
धार्मिक पर्यटन से रोजगार, मातृशक्ति को अवसर और स्थानीय उत्पादों को बाजार देने पर जोर
नैनीताल। ऐतिहासिक नंदा देवी महोत्सव के अवसर पर मंगलवार को नैनीताल पूरी तरह मां नंदा-सुनंदा की भक्ति में सराबोर नजर आया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महोत्सव में पहुंचकर मां नंदा-सुनंदा के दर्शन एवं पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। 2026 का नंदा देवी महोत्सव 16 से 23 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नंदा देवी महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक विरासत का जीवंत उत्सव है। मां नंदा-सुनंदा के स्वागत की परंपरा, लोकगीत, झोड़ा-चांचरी और ढोल-दमाऊं जैसे लोक सांस्कृतिक तत्व पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं को आगे बढ़ाते हैं।

“विकास भी और विरासत भी” के मंत्र पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार “विकास भी और विरासत भी” के मंत्र के साथ देवभूमि को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि केदारखंड की तर्ज पर कुमाऊं क्षेत्र में मानसखंड मंदिर माला मिशन के माध्यम से प्रमुख धार्मिक एवं पौराणिक स्थलों को विकसित किया जा रहा है।
मां नैना देवी, कैंची धाम और मुक्तेश्वर सहित धार्मिक स्थलों पर सुविधाओं के विस्तार से श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने के साथ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की बात मुख्यमंत्री ने कही।

धार्मिक पर्यटन से युवाओं और महिलाओं को रोजगार की उम्मीद
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक पर्यटन के विस्तार से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। वहीं महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर भी सरकार का जोर है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को उचित मूल्य और बाजार मिलने से मातृशक्ति आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेगी। मुख्यमंत्री के अनुसार महिला स्वयं सहायता समूहों को ₹5 लाख तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

भूमि और सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण पर सरकार का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के साथ उत्तराखंड की भूमि, संसाधनों और सांस्कृतिक पहचान का संरक्षण भी सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री कार्यालय की आधिकारिक जानकारी के अनुसार 2025 के भूमि कानून संशोधन में 11 पर्वतीय जिलों में बाहरी राज्यों के लोगों द्वारा कृषि एवं उद्यान श्रेणी की भूमि खरीद पर रोक का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने राज्य में भूमि संरक्षण तथा कथित लैंड जिहाद और लव जिहाद जैसी गतिविधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की बात भी कही।
UCC और युवाओं के रोजगार का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की गई है। राज्य के आधिकारिक UCC पोर्टल के अनुसार उत्तराखंड में UCC से संबंधित व्यवस्था 2025 में लागू हुई और 2026 में भी इसमें संशोधन संबंधी सरकारी आदेश जारी हुए हैं।
युवाओं को रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। उन्होंने दावा किया कि अब तक 35 हजार युवाओं को सरकारी सेवाओं में रोजगार का अवसर मिला है।
मातृशक्ति के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों, एकल महिला स्वरोजगार और स्थानीय उत्पाद तैयार करने वाली महिलाओं को बिक्री के लिए उचित स्थान एवं बाजार उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि ऐसे केंद्र विकसित किए जाएंगे, जहां महिलाएं अपने उत्पादों को उचित मूल्य पर बेच सकें। इससे उनके हुनर को व्यवसाय से जोड़ने और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी।
मां नंदा-सुनंदा की आरती में शामिल हुए CM धामी
महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री धामी मां नंदा-सुनंदा की आरती में भी शामिल हुए। उन्होंने विधिवत आरती कर मां का आशीर्वाद लिया और प्रदेश की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार “विकल्प रहित संकल्प” के साथ उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने युवाओं को रोजगार, महिलाओं को स्वरोजगार, स्थानीय उत्पादों को बाजार तथा उत्तराखंड की संस्कृति एवं विरासत के संरक्षण को सरकार के प्रयासों से जोड़ा।
नैनीताल में जारी नंदा देवी महोत्सव में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में भागीदारी हो रही है। महोत्सव का समापन 23 सितंबर 2026 को मां नंदा-सुनंदा की शोभायात्रा और डोला विसर्जन के साथ प्रस्तावित है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक सरिता आर्या, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, दर्जाधारी राज्यमंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, शांति मेहरा, शंकर कोरंगा, महाधिवक्ता एस.एन. बाबुलकर, मंडलायुक्त दीपक रावत, आईजी निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी., पुलिस अधीक्षक मनोज कत्याल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं आयोजन समिति से जुड़े लोग मौजूद रहे।
