देहरादून। लगातार हो रही भारी बारिश के बाद टोंस नदी एक बार फिर अपने रौद्र रूप में नजर आई। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के साथ तेज बहाव ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि क्षतिग्रस्त पुल की जगह समय रहते नया पुल तैयार कर यातायात शुरू नहीं किया गया होता, तो अस्थायी (टेम्परेरी) पुल इस तेज बहाव को शायद ही झेल पाता।
रविवार को हुई बारिश के बाद टोंस नदी का बहाव इतना तेज हो गया कि नदी का विकराल रूप देखने को मिला। नदी में बड़ी मात्रा में पानी और मलबा बहता दिखाई दिया। ऐसे हालात में लोगों ने राहत की सांस ली कि मुख्य पुल पर यातायात पहले ही बहाल कर दिया गया था।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि टेम्परेरी पुल पर इस तरह के तेज बहाव के दौरान आवाजाही करना बेहद जोखिम भरा होता। यदि आज भी यातायात उसी पुल के सहारे चल रहा होता तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था। ऐसे में समय रहते पुल का निर्माण पूरा होना क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हुआ।
लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने नदी और नालों के किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। साथ ही अनावश्यक रूप से उफनती नदियों के किनारे जाने से बचने और मौसम विभाग के अलर्ट का पालन करने की सलाह दी गई है।
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और आपदा प्रबंधन की टीमें भी अलर्ट मोड पर हैं।
टोंस नदी का रौद्र रूप: भारी बारिश के बाद उफान पर नदी, समय रहते पुल बनने से टला बड़ा संकट




