उत्तराखंड में नई उप शराब की दुकानों पर रोक, हाईकोर्ट में सरकार का स्पष्ट रुख

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नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट में उप शराब की दुकानों को लेकर दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि नई आबकारी नीति के तहत प्रदेश में नई उप शराब की दुकानें नहीं खोली जाएंगी। सरकार के इस स्पष्ट रुख के बाद हाईकोर्ट ने जनहित याचिका का निस्तारण कर दिया।

यह मामला टिहरी जिले की धनौल्टी तहसील के हटवाल गांव में प्रस्तावित उप शराब की दुकान से जुड़ा था। गांव की जिला पंचायत सदस्य सीता देवी ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि ग्रामीणों ने प्रस्तावित दुकान का व्यापक विरोध किया है। याचिका में यह भी कहा गया कि नई आबकारी नीति में नई उप शराब की दुकानों को अनुमति नहीं देने का स्पष्ट प्रावधान है और केवल पहले से संचालित दुकानों का ही संचालन जारी रखा जा सकता है।

ग्रामीणों के विरोध के बाद जिला प्रशासन ने संबंधित उप शराब की दुकान को बंद करने के आदेश जारी किए थे। हालांकि बाद में आबकारी आयुक्त ने इन आदेशों पर रोक लगा दी, जिसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने याचिकाकर्ता को आबकारी आयुक्त के स्थगन आदेश को चुनौती देने की भी अनुमति दी।

सुनवाई में आबकारी आयुक्त की ओर से न्यायालय को बताया गया कि नई आबकारी नीति के प्रावधान 3.14 के तहत सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि प्रदेश में नई उप शराब की दुकानें नहीं खोली जाएंगी। वर्ष 2024-25 से संचालित उप शराब की दुकानों का संचालन पूर्ववत जारी रहेगा, लेकिन नई दुकानों को अनुमति नहीं दी जाएगी।

हाईकोर्ट में सरकार के इस रुख के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि टिहरी जिले के हटवाल गांव में प्रस्तावित उप शराब की दुकान नहीं खुलेगी। साथ ही पूरे उत्तराखंड में नई आबकारी नीति के तहत नई उप शराब की दुकानों के संचालन पर रोक जारी रहेगी।

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