
देहरादून/नैनीताल: उत्तराखंड में नई शराब की दुकानों के खुलने पर बड़ा फैसला सामने आया है। नैनीताल हाई कोर्ट में टिहरी गढ़वाल के जौनपुर ब्लॉक स्थित हटवाल गांव में खोली गई मदिरा की दुकान को लेकर दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान आबकारी नीति का महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया।
जनहित याचिका भूतसी जिला पंचायत सदस्य सीता देवी मनवाल की ओर से दायर की गई थी। याचिका में कहा गया कि हटवाल गांव में नई शराब की दुकान खोले जाने का ग्रामीणों ने विरोध किया था, जिसके बाद जिलाधिकारी ने दुकान के संचालन पर रोक लगा दी थी। हालांकि बाद में शराब विक्रेता की अपील पर आबकारी आयुक्त ने 16 मई 2026 के आदेश में दुकान संचालन की अनुमति दी थी।
सुनवाई के दौरान नई आबकारी नीति के प्रावधान 3.14 का हवाला दिया गया, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि वर्ष 2024-25 से संचालित शराब की दुकानों का ही संचालन जारी रखा जा सकता है, जबकि कोई भी नई मदिरा की दुकान नहीं खोली जा सकती।
जनहित याचिका दाखिल होने के बाद आबकारी आयुक्त ने 6 जुलाई 2026 को नया आदेश जारी करते हुए नीति के इसी प्रावधान को स्पष्ट किया और कहा कि प्रदेश में नई शराब की दुकानों की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके बाद हटवाल गांव में संचालित नई शराब की दुकान भी बंद कर दी गई।
15 जुलाई 2026 को हुई सुनवाई में याचिकाकर्ता की ओर से हाई कोर्ट को बताया गया कि आबकारी आयुक्त के 6 जुलाई के आदेश के अनुपालन में दुकान बंद कर दी गई है। यह भी स्पष्ट किया गया कि आबकारी आयुक्त का यह निर्णय केवल टिहरी जिले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में लागू होगा।
इस फैसले के बाद प्रदेश में नई शराब की दुकानें खोलने पर प्रभावी रोक लग गई है और केवल वर्ष 2024-25 से संचालित दुकानों को ही संचालन की अनुमति रहेगी।




