
दून वैली टाइम्स | विकासनगर
सोशल मीडिया पर महाभारत के द्रोणाचार्य–एकलव्य प्रसंग को लेकर की गई एक पोस्ट से शुरू हुआ विवाद अब कानूनी कार्रवाई के दौर में पहुंच गया है। अधिवक्ता डिंपल सिंह ने विकासनगर कोतवाली में प्रार्थना-पत्र देकर अभय भट्ट, विपिन वर्मा, आयुष रोहिला सहित अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की प्रासंगिक धाराओं में मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की है।
अपनी शिकायत में डिंपल सिंह ने आरोप लगाया है कि उनके सोशल मीडिया पोस्ट के वास्तविक संदर्भ को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया गया और उसके आधार पर आपत्तिजनक वीडियो बनाकर फेसबुक, व्हाट्सएप सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल किए गए। उनका कहना है कि इससे उनकी सामाजिक, पेशेवर एवं व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को गंभीर क्षति पहुंची है।
सामाजिक न्याय के संदर्भ में की थी पोस्ट : डिंपल सिंह
प्रार्थना-पत्र के अनुसार, उनकी पोस्ट में महाभारत के द्रोणाचार्य–एकलव्य प्रसंग का उल्लेख केवल सामाजिक न्याय, शिक्षा में समान अवसर, सामाजिक असमानता और भेदभाव जैसे विषयों पर विचार रखने के उद्देश्य से किया गया था। उन्होंने कहा कि यह प्रसंग लंबे समय से सामाजिक विमर्श में उदाहरण के रूप में प्रस्तुत होता रहा है, लेकिन उनके कथन का संदर्भ समझे बिना उसे गलत तरीके से प्रचारित किया गया।
‘हिन्दू नहीं हैं’ जैसे बयान देने का आरोप
शिकायत में कहा गया है कि अभय भट्ट द्वारा जारी एक वीडियो में उनके बारे में यह कहा गया कि वह “हिन्दू भी नहीं हैं” तथा उन पर हिन्दुओं और क्षत्रिय समाज को लड़ाने का आरोप लगाया गया। डिंपल सिंह का कहना है कि उन्होंने कभी किसी धर्म या जाति विशेष के विरुद्ध कोई टिप्पणी नहीं की और केवल महाभारत की एक ऐतिहासिक घटना का उल्लेख किया था। उनका आरोप है कि इस प्रकार के बयान समाज में उनके प्रति गलत धारणा बनाने और लोगों को भड़काने के उद्देश्य से दिए गए।
आरक्षण पर आपत्तिजनक टिप्पणी का विरोध करने पर बनाया निशाना
डिंपल सिंह ने अपनी शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि विवाद से पहले सोशल मीडिया पर आरक्षण और आरक्षण प्राप्त वर्गों के संबंध में कथित रूप से अत्यंत आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया था। उन्होंने बताया कि उन्होंने सामाजिक एवं संवैधानिक मूल्यों के आधार पर उसका विरोध किया था, लेकिन उसी विरोध के बाद उन्हें निशाना बनाया गया और उनके खिलाफ दुष्प्रचार अभियान चलाया गया।
महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने का भी आरोप
तहरीर में आरोप लगाया गया है कि विकासनगर के एक व्हाट्सएप समूह में आयुष रोहिला द्वारा उनके खिलाफ अभद्र एवं अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया गया, जिससे एक महिला के रूप में उनकी गरिमा और सम्मान को ठेस पहुंची। इसके अलावा विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक पोस्ट और वीडियो साझा कर उनकी पेशेवर छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया।
पुरानी रंजिश का भी लगाया आरोप
डिंपल सिंह ने शिकायत में कहा है कि जिन लोगों ने उनके खिलाफ सोशल मीडिया अभियान चलाया, उनमें से विपिन वर्मा के साथ उनके परिवार का धन संबंधी एक न्यायालयीन विवाद पहले से लंबित है। उनका आरोप है कि इसी व्यक्तिगत रंजिश के चलते उनकी पोस्ट को संदर्भ से हटाकर उनके विरुद्ध माहौल बनाया गया।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
एडवोकेट डिंपल सिंह ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई करने की मांग की है।
ये लोग रहे मौजूद
शिकायत सौंपने के दौरान नेशनल एक्शन फोरम फॉर सोशल जस्टिस (NAFSJ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नानक चंद, अधिवक्ता विनोद कुमार, अधिवक्ता मनीष कर्णवाल, अधिवक्ता बलजीत सिंह, अधिवक्ता अशरफ अली, समाजसेवी बलजीत सिंह, एससी विभाग के जिला अध्यक्ष राजेश पासी, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार, छात्र नेता दीप सिंह, अंकित सोनकर, घुमान सिंह कर्णवाल, राजेंद्र सिंह, सुंदर लाल सहित अनेक अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
फिलहाल इस मामले में पुलिस की ओर से मुकदमा दर्ज किए जाने या किसी पक्ष पर कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले की जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई स्पष्ट होगी।



