कोरोनेशन अस्पताल की 38 विकास योजनाओं पर चर्चा, लावारिस मरीजों के लिए रेन बसेरा की व्यवस्था के निर्देश
देहरादून | दून वैली टाइम्स
देहरादून के जिलाधिकारी एवं जिला चिकित्सालय (कोरोनेशन) चिकित्सा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. आशीष चौहान ने जिला चिकित्सालय के घटते राजस्व को गंभीरता से लेते हुए इसके कारणों की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से अस्पताल की आय-व्यय, पिछले वर्षों के बजट और विभिन्न मदों में हुए खर्च का वर्षवार विश्लेषण प्रस्तुत करने को कहा, ताकि वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता और संसाधनों के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित किया जा सके।

शनिवार को आयोजित चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक में अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं, आधारभूत सुविधाओं, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता और मरीजों को बेहतर इलाज देने से जुड़े कुल 38 प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जिला चिकित्सालय आमजन के स्वास्थ्य से जुड़ा महत्वपूर्ण संस्थान है, इसलिए यहां उपलब्ध प्रत्येक सुविधा का उद्देश्य मरीजों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना होना चाहिए। उन्होंने सभी प्रस्तावों को वित्तीय नियमों और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप लागू करने तथा प्रत्येक कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
लावारिस मरीजों के लिए मानवीय पहल
बैठक में जिलाधिकारी ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए निर्देश दिए कि अस्पताल में उपचार पूरा होने के बाद किसी भी लावारिस या निराश्रित मरीज को अस्पताल परिसर में नहीं छोड़ा जाए। ऐसे मरीजों को सामाजिक सुरक्षा के तहत रेन बसेरा अथवा अन्य उपयुक्त आश्रय स्थल में स्थानांतरित करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
अस्पताल में होंगे कई विकास कार्य
बैठक में जिन प्रमुख प्रस्तावों पर चर्चा हुई उनमें अस्पताल की पुरानी सीवर और ड्रेनेज लाइन की मरम्मत, ऑक्सीजन पोर्ट और एयर प्वाइंट का प्रतिस्थापन, आईसीयू एवं रिकवरी वार्ड की ऑक्सीजन प्रणाली का उन्नयन, मरीजों के लिए गाउन, गद्दे और अन्य आवश्यक सामग्री की खरीद, सिरिंज पम्प, मोटराइज्ड बेड, ईसीजी मशीन, पैथोलॉजी उपकरण, गायनी एवं ऑर्थोपेडिक विभाग के आधुनिक चिकित्सा उपकरण, सीसीटीवी कैमरे, एयर कंडीशनर, कंप्यूटर, प्रिंटर तथा अन्य जरूरी उपकरणों की खरीद शामिल रही।
इसके अलावा अस्पताल परिसर के सौंदर्यीकरण, भवनों की मरम्मत, शौचालयों के नवीनीकरण, स्वच्छता व्यवस्था, विद्युत व्यवस्था को मजबूत करने तथा आवश्यक दवाइयों और सर्जिकल सामग्री की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. यतेन्द्र सिंह, मुख्य कोषाधिकारी नीतू भंडारी, डॉ. जेपी नौटियाल, सांसद प्रतिनिधि विनोद खण्डूरी, मेयर प्रतिनिधि आशीष नागरथ, समाजसेवी राकेश अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
