देहरादून नगर निगम में बढ़ा सियासी संग्राम, पार्षद बनाम सफाई कर्मचारी यूनियन आमने-सामने

दून वैली टाइम्स | देहरादून

देहरादून नगर निगम में कांग्रेस पार्षद और सफाई कर्मचारी यूनियन के बीच शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। कुछ दिन पहले एक कांग्रेस पार्षद ने सफाई कर्मचारी यूनियन के एक पदाधिकारी पर अभद्रता, धमकी और हाथापाई का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा भी दर्ज किया।

इसके बाद सफाई कर्मचारी यूनियन ने भी पलटवार करते हुए संबंधित पार्षद पर कर्मचारियों के शोषण और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए। यूनियन के पदाधिकारियों ने महापौर से मुलाकात कर अपनी शिकायत रखी और पुलिस को भी लिखित शिकायत सौंपते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।

इसी बीच पूरे घटनाक्रम का एक सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद मामला और गरमा गया है। वायरल हो रहे वीडियो में मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी के कक्ष के अंदर कांग्रेस पार्षद कुर्सी पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान कुछ लोग उन्हें घेरकर तीखी बहस करते, आक्रामक व्यवहार करते और कथित रूप से धमकाते हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि, वीडियो पूरे घटनाक्रम का केवल एक हिस्सा दिखाता है और इससे पहले या बाद की परिस्थितियां स्पष्ट नहीं हैं।

वीडियो सामने आने के बाद नगर निगम के विभिन्न दलों के पार्षद एकजुट हो गए। पार्षदों ने महापौर से मुलाकात कर इसे जनप्रतिनिधियों के सम्मान और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताया तथा संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि यदि जनप्रतिनिधियों के साथ इस प्रकार का व्यवहार होगा तो नगर निगम की कार्यप्रणाली प्रभावित होगी।

वहीं, सफाई कर्मचारी यूनियन अपने आरोपों पर कायम है। यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों के साथ लगातार अनुचित व्यवहार किया जा रहा है और उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा। यूनियन ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए।

फिलहाल नगर निगम प्रशासन दोनों पक्षों के बीच विवाद का समाधान निकालने का प्रयास कर रहा है। पुलिस भी दर्ज शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। अब सभी की निगाहें सीसीटीवी फुटेज और जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

(नोट: दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं। मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच एवं कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।)

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