संगारेड्डी में दर्दनाक हादसा, मूर्ति विसर्जन के लिए झील में उतरे थे युवक
तेलंगाना। तेलंगाना के संगारेड्डी जिले में गणेश विसर्जन के दौरान एक दर्दनाक हादसे में छह छात्रों की पानी में डूबने से मौत हो गई। घटना बुधवार, 16 सितंबर 2026 की शाम करीब 7 बजे की बताई जा रही है। मृतक छात्र गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए नेरेडू चेरूवु झील में उतरे थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गणेश विसर्जन के लिए लोगों का एक समूह गांव के बाहरी इलाके में पहुंचा था। प्रतिमा को पानी में थोड़ा आगे ले जाने के लिए छह युवक झील में उतर गए। इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गहरे पानी में चले गए। बताया गया कि मृतकों को तैरना नहीं आता था, जिसके कारण वे पानी से बाहर नहीं निकल सके।
मौके पर मौजूद लोगों ने युवकों को पानी से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जमीन धंसने से हुआ हादसा
घटना के प्रत्यक्षदर्शी एक छात्र के मुताबिक, समूह में करीब 10-11 लोग मौजूद थे। छह युवक प्रतिमा को आगे ले जाने के लिए पानी में उतरे थे। इसी दौरान अचानक जमीन धंस गई और वे पानी में गिर गए।
छात्र ने बताया कि कुछ सीनियर छात्रों ने उन्हें पानी के अंदर नहीं जाने की चेतावनी भी दी थी। आशंका जताई जा रही है कि गणेश प्रतिमा के वजन के कारण पानी के भीतर की जमीन धंस गई होगी। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
मृतकों में 17 से 22 वर्ष तक के छात्र
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान सिद्धार्थ (17), नरसिम्हा राजू (21), सुमंत रेड्डी (17), गणेश (18), उदय किरण (22) और श्याम कुमार (17) के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार सिद्धार्थ 10वीं कक्षा का छात्र था। नरसिम्हा राजू बीटेक की पढ़ाई कर रहा था, जबकि सुमंत रेड्डी, गणेश और उदय किरण पॉलिटेक्निक के छात्र थे। सभी छात्र स्थानीय सिरिक्षा चैरिटेबल ट्रस्ट से जुड़े हुए थे।
यह ट्रस्ट बेघर और अनाथ बच्चों के लिए देखभाल केंद्र के रूप में काम करता है। यहां पहली कक्षा से लेकर पॉलिटेक्निक और बीटेक तक करीब 70 छात्र रहते हैं।
शवों को गृह नगर भेजने की व्यवस्था
घटना की जानकारी मिलने के बाद पाटनचेरु के विधायक गुडेम महिपाल रेड्डी अस्पताल पहुंचे और अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया जल्द पूरी कराने तथा मृतकों के शवों को उनके गृह नगर तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
विधायक के अनुसार, मृतकों में दो छात्र विजयवाड़ा, दो वारंगल और दो कुकटपल्ली क्षेत्र के रहने वाले थे। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट पिछले करीब 15 वर्षों से इसी स्थान पर गणेश विसर्जन कार्यक्रम आयोजित करता आ रहा था।
हादसे के बाद छात्रों के परिवारों और ट्रस्ट से जुड़े लोगों में शोक की लहर है। घटना ने गणेश विसर्जन के दौरान जलाशयों में सुरक्षा व्यवस्था और प्रशिक्षित तैराकों की मौजूदगी की आवश्यकता को भी सामने ला दिया है।
